बंगाल को ध्यान में रखकर पूजा से पहले जीएसटी दरों में किया गया संशोधन : सीतारमण

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि दुर्गापूजा से पहले पश्चिम बंगाल के लोगों को खरीदारी में सुविधा प्रदान करने के लिए ही महालया के ठीक बाद नयी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को लागू किया जा रहा है.

संवाददाता, कोलकाता

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कहा कि दुर्गापूजा से पहले पश्चिम बंगाल के लोगों को खरीदारी में सुविधा प्रदान करने के लिए ही महालया के ठीक बाद नयी माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों को लागू किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इच्छा के अनुसार, नवरात्रि के शुभ अवसर पर जीएसटी 2.0 की शुरुआत की जा रही है. इससे पश्चिम बंगाल सहित पूरे देश की नयी पीढ़ी उत्सव के दौरान अपनी मर्जी से खुल कर खरीदारी कर सकेगी. वे अपनी पसंद की चीजें खरीद सकेंगे. सीतारमण कोलकाता के अलीपुर स्थित नेशनल लाइब्रेरी के भाषा भवन में ‘नेक्स्ट जेन जीएसटी 2.0’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं. इस मौके पर केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, सांसद व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य, विधायक व अर्थशास्त्री अशोक लाहिड़ी, पूर्व राज्यपाल तथागत राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिनेश त्रिवेदी, पूर्व सांसद स्वपन दासगुप्ता सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे. केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी की नयी दरों की घोषणा पहले ही की जाने वाली थी, लेकिन पीएम मोदी ने पितृ पक्ष के बाद इसे लागू करने का प्रस्ताव दिया. इसके बाद ही हमने तय किया कि पश्चिम बंगाल और देश के सबसे बड़े त्योहार दुर्गापूजा व दीपावली से पहले नेक्स्ट जेन जीएसटी लागू किया जायेगा, ताकि बंगाल सहित पूरे देश के लोग जीएसटी के केवल दो स्तरों का पूरा लाभ उठा सकें. सीतारमण ने एक पावरपॉइंट प्रोजेक्ट के माध्यम से जीएसटी को लेकर केंद्र सरकार के विभिन्न पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी. नयी जीएसटी दर से देश के 140 करोड़ लोग होंगे लाभान्वित: केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में इस बदलाव से देश के 140 करोड़ लोगों को लाभ होगा. उन्होंने बताया कि किस प्रकार से शहर से लेकर ग्रामीण और महिलाओं से लेकर पुरुषों तक, सभी वर्गों के लोगों को जीएसटी दरों में बदलाव से लाभ होगा. जीएसटी उन सभी उत्पादों से संबंधित है, जिनकी लोगों को सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक जरूरत होती है और नयी जीएसटी दरों में बदलाव से इन सभी उत्पादों की कीमतें कम हो जायेंगी. इससे करोड़ों आम लोगों को फायदा होगा. जीएसटी 2.0 में कर दर के तीन स्लैब हो गये हैं – 5 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 40 प्रतिशत. विलासिता की वस्तुओं पर 40 प्रतिशत जीएसटी लगेगा. बाकी सभी उत्पादों पर जीएसटी पांच व 18 प्रतिशत निर्धारित की गयी है. इसके अलावा, कई उत्पादों पर जीएसटी हटा दिया गया है. रोजमर्रा की जरूरतों की चीजों पर जीएसटी की दर कम होने से उनकी कीमतें कम होने वाली हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पूजा से पहले मध्यम वर्ग की जेब को राहत मिलेगी.

जीएसटी की नयी दरों से बंगाल के इन उद्योगों को होगा लाभ

सीतारमण ने बताया कि जीएसटी के नये संस्करण से पश्चिम बंगाल को विशेष रूप से लाभ होगा. उन्होंने कहा कि दैनिक आवश्यकताओं के साथ-साथ बंगाल के शांतिनिकेतन व कोलकाता के चमड़ा उद्योग को खास तौर से लाभ होगा. केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि बांकुड़ा के टेराकोटा और मिट्टी के बर्तनों की वस्तुओं की कीमतों में भी कमी आयेगी, क्योंकि इसका जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटा कर पांच प्रतिशत कर दिया गया है. इसके अलावा, पूर्व और पश्चिम मेदिनीपुर के लघु उद्योग, पुरुलिया के छऊ मुखौटा, बर्दवान के हस्तशिल्प, नकासीकांथा कलाकारों, मालदा के आम कारोबारी, दार्जिलिंग चाय उद्योग, जूट बैग उद्योग, होजियरी और रेडीमेड गारमेंट्स उद्योग को भी नयी जीएसटी दर से काफी लाभ होगा. इन सुधारों से बंगाल में त्योहारी मौसम के समय बिक्री बढ़ने की उम्मीद है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Akhilesh kumar singh

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >