गैंगस्टर को बिना आइडी कमरा देने वाले गेस्ट हाउस पर एफआइआर

आनंदपुर इलाके में स्थित एक गेस्ट हाउस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोप है कि गेस्ट हाउस प्रबंधन ने एक गैंगस्टर और उसके साथियों को बिना किसी पहचान पत्र के कमरे मुहैया कराये.

कार्रवाई. कोलकाता पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेकर दर्ज किया मामला

महिला मित्र की मदद से गेस्ट हाउस में किराये पर लिया था दो कमरा

सरकारी नियमों का पालन नहीं करने पर पुलिस ने गेस्ट हाउस के खिलाफ की कार्रवाई

संवाददाता, कोलकाता

आनंदपुर इलाके में स्थित एक गेस्ट हाउस पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है. आरोप है कि गेस्ट हाउस प्रबंधन ने एक गैंगस्टर और उसके साथियों को बिना किसी पहचान पत्र के कमरे मुहैया कराये. यह कार्रवाई तब की गयी, जब पुलिस को पता चला कि कुख्यात अपराधी तौसीफ राजा उर्फ बादशाह और उसके तीन साथी इसी गेस्ट हाउस में छिपे हुए थे. आनंदपुर थाने के एक सब-इंस्पेक्टर ने इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआइआर दर्ज की है.

पुलिस सूत्रों के अनुसार, पटना के पारस अस्पताल में कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या करने वाला शार्प शूटर और इस घटना का मास्टरमाइंड तौसीफ राजा अपने तीन साथियों के साथ आनंदपुर के मादुरहाट स्थित हुसैनपुर रोड के इसी गेस्ट हाउस में छिपा हुआ था. कोलकाता पुलिस की एसटीएफ टीम ने बिहार एसटीएफ की मदद से शनिवार देर रात ऑपरेशन सफल अभियान चलाकर चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि तौसीफ राजा और उसके भाई निशु ने उत्तर 24 परगना के बिराटी की रहने वाली अपनी एक महिला मित्र की मदद से आनंदपुर के गेस्ट हाउस में दो कमरे किराये पर लिए थे. कमरा उसी युवती के नाम पर बुक किया गया था.

एक पुलिस अधिकारी ने जानकारी दी कि लालबाजार (कोलकाता पुलिस मुख्यालय) के निर्देशानुसार, गेस्ट हाउस के कर्मचारियों को प्रत्येक अतिथि के आधार कार्ड या किसी अन्य भारतीय पहचान पत्र की फोटोकॉपी जमा करनी होती है. जरूरत पड़ने या संदेह होने पर यह जानकारी पुलिस को दी जाती है. हालांकि, जांच के दौरान जासूसों को पता चला कि 18 जुलाई को कमरा किराये पर लेने के बावजूद आनंदपुर गेस्ट हाउस के अधिकारियों ने किसी भी पहचान पत्र की प्रति नहीं मांगी. 24 घंटे बाद भी वहां ठहरे युवकों से पहचान पत्र नहीं मांगा गया. इसी लापरवाही के चलते सरकारी नियमों का पालन न करने के आरोप में गेस्ट हाउस के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. पुलिस गेस्ट हाउस के प्रबंधक और कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या वे अन्य अतिथियों के मामले में भी ऐसी ही लापरवाही बरत रहे थे.

कोलकाता में नया गैंग बनाने के फिराक में था तौसीफ :

पुलिस को यह भी पता चला है कि तौसीफ और उसके साथी कोलकाता में भी स्थायी ठिकाना ढूंढ़कर यहां एक नया आपराधिक गिरोह बनाने की योजना बना रहे थे. सूत्रों के मुताबिक, निशु के इलाज और तौसीफ को बचाने के लिए काफी पैसों की जरूरत थी. इसी वजह से पुलिस इस संभावना से इनकार नहीं कर रही है कि तौसीफ कोलकाता या उसके आसपास के इलाकों में डेरा डालकर सोने की दुकानों, बैंकों या गोल्ड लोन कंपनियों को लूटने जैसी वारदातों की योजना बना रहा था. इसका कारण यह है कि तौसीफ का ‘गुरु’ शेरू सिंह लूटपाट में माहिर है और उसने पुरुलिया तथा राणाघाट में भी सोने की दुकानों में लूटपाट की है. इस मामले में और जानकारी हासिल करने के लिए कोलकाता पुलिस की टीम बिहार जाकर तौसीफ से पूछताछ करने पर विचार कर रही है. पुलिस के मुताबिक, निशु की महिला मित्र से भी दोबारा पूछताछ की जा सकती है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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