भड़के फैंस बोले : हमारे साथ फ्रॉड हुआ

सॉल्टलेक स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी को देखने आये फैंस को उनके इंतजार के बावजूद निराशा हाथ लगी. महंगे टिकट लेने और वीआइपी लॉज में बैठने के बावजूद कई दर्शक मेसी को देख नहीं पाये, जिससे स्टेडियम में हंगामा फैल गया.

कोलकाता.

सॉल्टलेक स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी को देखने आये फैंस को उनके इंतजार के बावजूद निराशा हाथ लगी. महंगे टिकट लेने और वीआइपी लॉज में बैठने के बावजूद कई दर्शक मेसी को देख नहीं पाये, जिससे स्टेडियम में हंगामा फैल गया. हालात बिगड़ने पर अफरा-तफरी के बीच मेसी को अन्य वीआइपी मेहमानों के साथ कड़ी सुरक्षा में बाहर निकाला गया. महंगे टिकट लेने वाले फैंस ने आयोजन की बदइंतजामी और नेताओं की मौजूदगी को लेकर नाराजगी जतायी.

महंगे टिकट और दामों पर नाराजगी : कार्यक्रम में 20 रुपये में मिलने वाले पानी की बोतल 100 रुपये और एक ग्लास कोल्ड ड्रिंक 150-200 रुपये में बिकी. मेसी को देखने के लिए 4,500 से 10,000 रुपये तक के टिकट बेचे गये थे. इसके अलावा 15,000 रुपये के वीआइपी लॉज टिकट लेने वाले फैंस को भी मेसी की एक झलक नहीं मिल सकी. अधिकांश नाराज फैंस का साफ कहना था कि उनके साथ ‘फ्रॉड’ हुआ है. उन्होंने अपने पैसे वापस करने और आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की.

फैंस ने जाहिर किया अपना आक्रोश : विख्यात फुटबॉलर मेसी अपने लंबे समय के साथी लुइस सुआरेज और अर्जेंटीना टीम के खिलाड़ी रोड्रिगो डी पॉल के साथ शनिवार सुबह लगभग 11 बजे स्टेडियम पहुंचे. उनका वाहन मैदान के एक कोने में पार्क किया गया. एक फैन ने कहा, “यह एकदम घटिया इवेंट था. मेसी केवल 10 मिनट के लिए आये और सारे नेता, मंत्री और कॉरपोरेट अधिकारी उन्हें घेरकर रखे हुए थे. हम कुछ भी नहीं देख पाये. हमारी एक महीने की मेहनत और पैसे बर्बाद हो गये. हमारे साथ पूरा फ्रॉड हुआ है.” एक अन्य फैन ने कहा कि मेसी के चारों ओर इतनी भीड़ थी कि ऐसा लग रहा था जैसे वह किसी बॉल के साथ कोई खेल खेलेगा या पेनल्टी शूटआउट करेगा, लेकिन वह केवल आये, देखा और चले गये. इसी कारण उनके पैसे और समय दोनों बेकार हो गये. एक और फैन ने बताया कि 12,000 रुपये का टिकट लेकर मेसी को देखने आये थे, लेकिन उन्हें भी मेसी की एक झलक देखने का मौका नहीं मिला.

हम किसी नेता को नहीं, बल्कि मेसी को देखने आये थे : फैंस ने कहा कि वे किसी राजनेता, हस्ती या अन्य किसी को देखने नहीं आये थे. बल्कि महंगे टिकट लेकर सिर्फ मेसी को देखने आये थे. मैदान में नाराज एक फैन अजय शाह ने बताया कि कोल्ड ड्रिंक की कीमत 150-200 रुपये ली गयी और पानी की बोतल 100 रुपये में बेची गयी. कई लोग अपने एक महीने की तनख्वाह खर्च कर मेसी को देखने आये थे. उन्होंने बताया कि पुलिस और सुरक्षाकर्मी स्टेडियम में सेल्फी लेने में व्यस्त थे, जबकि पीने का पानी उपलब्ध नहीं था. इसके अलावा एंट्री, बैठने की व्यवस्था और विजिबिलिटी को लेकर भी भारी बदइंतजामी थी.

हंगामे के बीच दिखे गेरुआ झंडे, लगे जयश्री राम के नारे : मैदान में हंगामे के दौरान कई फैंस के हाथों में गेरुआ झंडे दिखायी दिये और जयश्री राम के नारे भी लगाये गये. मैदान में उत्पात मचाते हुए कई फैंस गेरुआ पताका लेकर घूमते और जयश्रीराम के नारे लगाते देखे गये. इस मामले को लेकर तृणमूल ने भाजपा पर आरोप लगाया.

2011 के बाद मेसी की युवा भारती क्रीड़ांगन में पहली उपस्थिति : यह मेसी की युवा भारती क्रीड़ांगन में 2011 के बाद पहली उपस्थिति थी. दो सितंबर 2011 को वह अर्जेंटीना की कप्तानी करते हुए वेनेजुएला के खिलाफ मैत्री मैच खेलने आये थे और अपनी टीम को 1-0 से जीत दिलायी थी. इस दौरे के बाद सॉल्टलेक स्टेडियम में यह उनका दूसरा दौरा था.

पानी और कोल्ड ड्रिंक पर सवाल

पुलिस की सुरक्षा के बावजूद स्टेडियम में कैसे प्लास्टिक की बोतलें प्रवेश कर गयीं, यह सवाल उठता है. पानी के पाउच की अनुमति थी, लेकिन इसे पूरी तरह लागू नहीं किया गया. 20 रुपये की पानी की पाउच की जगह 100 रुपये की बोतल और 150-200 रुपये में कोल्ड ड्रिंक बेची गयी.

नियमों के उल्लंघन पर पुलिस करेगी कानूनी कार्रवाई

विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी (विधाननगर) अनीश सरकार ने बताया कि पुलिस प्रशासन की ओर से पहले ही प्लास्टिक की बोतल, बड़े होर्डिंग, लाइटर और माचिस जैसी वस्तुओं पर रोक लगाने के निर्देश दिये गये थे. बावजूद इसके नियमों का उल्लंघन हुआ. इसे लेकर सख्त कार्रवाई की जायेगी. विधाननगर दक्षिण थाने में स्वत: संज्ञान लेते हुए गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसमें बीएनएस की धारा 192/324(4)(5)/326(5)/132/121(1)/121(2)/45/46 और एमपीओ एक्ट की धारा 9 के तहत कार्रवाई की जायेगी. इसके साथ ही सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 (पीडीपीपी अधिनियम) की धारा के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. यह कानून सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या शरारत करने वालों को दंडित करता है, जिसमें पांच साल तक की कैद और जुर्माना दोनों शामिल हैं. महंगे टिकट, खराब व्यवस्थाओं और वीवीआइपी सुरक्षा व्यवस्था के कारण मेसी को देखने आये फैंस का अनुभव बेहद निराशाजनक रहा. पुलिस प्रशासन ने स्वत: संज्ञान लेते हुए मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. आयोजकों और सुरक्षा प्रबंधकों की जवाबदेही तय करने के लिए जांच जारी है.

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Published by: Bijay kumar

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