कोलकाता. नेवी डे के उपलक्ष्य में कोलकाता में दो युद्धपोतों की प्रदर्शन होगी. भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के दो प्रमुख गाइडेड मिसाइल कोरवेट आइएनएस खंजर और आइएनएस कोरा 27 नवंबर को कोलकाता पहुंचेंगे. यह तैनाती वे ऑफ बंगाल में नौसेना के मिशन आधारित अभियानों और नेवी वीक के जनसंपर्क कार्यक्रमों का हिस्सा है. नेवी वीक 2025 के दौरान आइएनएस खंजर और आइएनएस कोरा 27 से 30 नवंबर तक कोलकाता के खिदिरपुर डॉक के बर्थ नंबर 11 (गेट नंबर – तीन) पर मौजूद रहेंगे. इस अवधि में युद्धपोत आम जनता के लिए खोले जायेंगे. 28 नवंबर को सुबह नौ बजे से दोपहर 2.30 बजे तक, 29 नवंबर को सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक और 30 नवंबर को सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक युद्धपोत देखने का समय रहेगा.
आइएनएस खंजर प्रोजेक्ट 25 वर्ग का चौथा युद्धपोत है, जिसे गार्डेनरीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ने स्वदेशी तकनीक से तैयार किया है. इसे 22 अक्तूबर, 1991 को नौसेना में शामिल किया गया. ‘ग्रे फेरारी’ नाम से मशहूर यह कोरवेट “बेटर दैन द बेस्ट” के सूत्र वाक्य पर कार्य करता है. इसकी कमान कमांडर रोनी चाउपू के पास है. आइएनएस कोरा प्रोजेक्ट 25ए वर्ग का प्रमुख कोरवेट है. इसे भी जीआरएसइ ने बनाया और 10 अगस्त, 1998 को नौसेना में शामिल किया गया. परंपरागत नेपाली तलवार ‘कोरा’ के नाम पर आधारित इस युद्धपोत की कमान कमांडर चंदन झा के पास है. दोनों युद्धपोत फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग ईस्टर्न फ्लीट के नियंत्रण में कार्यरत हैं और भारतीय नौसेना की आक्रामक समुद्री शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हैं. सतह से सतह और सतह से वायु हमले की क्षमता से लैस इनका मुख्य कार्य दुश्मन पर प्रथम प्रहार की क्षमता प्रदान करना है. शांतिकाल में ये भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र की सुरक्षा, बंदरगाहों व तटीय संपत्तियों की रक्षा, आतंकवाद-विरोधी और समुद्री डकैत-रोधी गश्त तथा समुद्री कूटनीति अभियानों में तैनात किये जाते हैं. इन दोनों युद्धपोतों में आधुनिक मिसाइल प्रणाली, एंटी-एयरक्राफ्ट गन, निगरानी तंत्र, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, नेविगेशन सिस्टम और फायर कंट्रोल रडार लगे हैं. इनका समय-समय पर आधुनिकीकरण किया गया है, जिससे स्वदेशी युद्धपोत निर्माण और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिलता है.
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