पहली बार मंत्री ने पहाड़ पर पैदल चढ़ाई कर अभियान का किया आकलन, 2,000 किलो कचरा किया गया इकट्ठा
प्रतिनिधि, हुगली/अलीपुरदुआरउत्तर बंगाल के अलीपुरदुआर स्थित बक्सा पहाड़ को पूरी तरह प्लास्टिक मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने बीते एक महीने से ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर विशेष अभियान चलाया है. पांच सितंबर को इसकी शुरुआत जिलाधिकारी ने खुद पर्वतारोहण कर प्लास्टिक और मलबा उठाकर की थी.
मंत्री ने किया पैदल निरीक्षण : शनिवार को राज्य के पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री बेचाराम मन्ना ने बक्सा का दौरा कर अभियान की सफलता का आकलन किया. वह बक्सा व्यू प्वाइंट से पैदल यात्रा शुरू कर करीब छह किलोमीटर की कठिन पहाड़ी राह पार करते हुए 3,000 फुट ऊंचाई पर बसे लेपचाखा गांव पहुंचे. रास्ते भर मंत्री ने स्वयं छोटे-छोटे प्लास्टिक व मलबे को उठाया और साफ-सुथरे माहौल को देख संतोष जताया.उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पंचायत का प्रयास सराहनीय है और कोशिश यही है कि कचरा पूरी तरह शून्य हो.
ऐतिहासिक कदम : स्थानीय लोगों ने बताया कि पहली बार कोई मंत्री इस तरह सरकारी कार्यक्रम के तहत पैदल यात्रा कर पहाड़ चढ़कर अभियान में शामिल हुआ. इसे ऐतिहासिक कदम बताया गया.पिछले एक महीने में बक्सा, सांटलाबाड़ी, सदर बाजार, लेपचाखा, लाल बंगला, चुनाभाटी और तासिगांव समेत विभिन्न गांवों से करीब 2,000 किलो कचरा इकट्ठा किया गया है. लगभग 180 डस्टबिन बांस और प्लास्टिक से बने कर विभिन्न स्थानों पर लगाये गये हैं.
पर्यटन व कृषि पर जोर15 सितंबर से जंगल पर्यटकों के लिए खोला जायेगा, ऐसे में प्रशासन ने विशेष सावधानी बरतने की तैयारी की है. मंत्री मन्ना ने बताया कि बक्सा पहाड़ राज्य के उन 73 पर्यटन-निर्भर ग्राम पंचायतों में शामिल है जिन्हें मिशन निर्माण बंगाल के तहत पूरी तरह कचरा मुक्त किया जायेगा. साथ ही, कृषि विपणन विभाग की जिम्मेदारी के तहत वे अदरक, लहसुन, बड़ी इलायची और स्क्वॉश जैसी फसलों की पैदावार और किसानों की आमदनी बढ़ाने की संभावनाओं का आंकलन भी करेंगे. इस मौके पर मिशन निर्माण बंगाल की एमडी संतोषा गुप्ता, अतिरिक्त जिलाधिकारी नृपेन सिंह, जिला परिषद की सभाधिपति स्निग्धा शैव, बक्सा टाइगर प्रोजेक्ट के अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.
सख्त निर्देश व जागरूकतास्थानीय पंचायत ने साफ कर दिया है कि 13 गांवों में कोई भी अवैध रूप से प्लास्टिक का इस्तेमाल करेगा तो उस पर अधिकतम 500 रुपये का जुर्माना लगेगा. वहीं, दुकानों में मंत्री ने स्वयं सुपारी के खोल से बने थाल, कटोरे, गिलास, चम्मच और मिट्टी के मटके बांटकर लोगों को जागरूक किया.
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