तृणमूल के चुनाव चिह्न विवाद पर आयोग ने पार्टी के दोनों खेमे से फिर मांगे दस्तावेज, 17 को सुनवाई संभव

चुनाव आयोग तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न 'घास व जोड़ा फूल' पर चल रहे विवाद की सुनवाई कर रहा है. दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज और लिखित जवाब मांगे गए हैं, जिसके बाद आयोग अपना फैसला सुनायेगा.

तृणमूल कांग्रेस पर नियंत्रण और चुनाव चिह्न को लेकर पार्टी के दो खेमों के बीच चल रहे विवाद पर चुनाव आयोग ने शनिवार से औपचारिक सुनवाई शुरू कर दी. अब आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज और लिखित जवाब मांगा है. आयोग ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल और विधानसभा में विपक्ष के नेता रीतब्रत बनर्जी के खेमे को पत्र भेजकर 16 सितंबर को दोपहर तीन बजे तक संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा है. आयोग ने स्पष्ट किया है कि दस्तावेजों की जांच के बाद जरूरत महसूस होने पर 17 सितंबर को दोनों पक्षों को दोबारा सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है.

पहली सुनवाई में दोनों पक्षों ने रखा अपना पक्ष

गत शनिवार को नयी दिल्ली स्थित चुनाव आयोग के समक्ष मामले की पहली सुनवाई हुई थी. दोनों खेमों ने अपना-अपना पक्ष रखा और कुछ अतिरिक्त दस्तावेज भी जमा किये. इसके बाद आयोग ने उन दस्तावेजों के संदर्भ में दोनों पक्षों से लिखित जवाब मांगा है. दस्तावेज आयोग के मुख्यालय में इ-मेल या डाक के माध्यम से भी भेजे जा सकते हैं. दोनों पक्ष अपने प्रतिनिधियों के नाम भी आयोग को भेज सकते हैं.

नाम और ‘घास व जोड़ा फूल’ पर फैसला अहम

अब आयोग दोनों पक्षों के दावों और दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगा. अंतिम फैसले पर निगाहें टिकी हैं कि पार्टी के नाम और ‘घास व जोड़ा फूल’ चुनाव चिह्न पर किस खेमे का अधिकार होगा या चुनाव चिह्न को ही फ्रीज किया जायेगा.

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16 सितंबर तक भेज दिये जायेंगे दस्तावेज : रीतब्रत

रीतब्रत बनर्जी ने कहा कि 16 सितंबर तक मांगे गये दस्तावेज भेज दिये जायेंगे. उन्होंने कहा कि यदि दस्तावेजों की जांच के बाद आयोग को 17 सितंबर को सुनवाई जरूरी लगी, तो बुलाये जाने पर वह उपस्थित होंगे. उन्होंने यह भी कहा कि आयोग के पत्र में ‘इफ रिक्वायर्ड’ लिखा है और इसे लेकर गलतफहमी हुई है.

कुणाल घोष का टिप्पणी करने से इनकार

तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने इस विवाद पर टिप्पणी करने से इनकार किया. उन्होंने कहा कि मामला आयोग के विचाराधीन है और पार्टी की सर्वोच्च नेता ममता बनर्जी और अधिवक्ता कल्याण बनर्जी इसे देख रहे हैं.

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नंदीग्राम, रेजीनगर उपचुनाव की तैयारी में जुटा दोनों गुट

दोनों खेमों ने 6 अक्टूबर को होने वाले नंदीग्राम और रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं. हालांकि, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर है.

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