सलाइन कांड में डॉ पल्लवी बनर्जी को हाइकोर्ट से राहत

कलकत्ता हाइकोर्ट ने मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एनेस्थीसिया विभाग की सीनियर रेजिडेंट पल्लवी बनर्जी को बड़ी राहत प्रदान की है.

संवाददाता, कोलकाता

कलकत्ता हाइकोर्ट ने मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के एनेस्थीसिया विभाग की सीनियर रेजिडेंट पल्लवी बनर्जी को बड़ी राहत प्रदान की है. मंगलवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश तीर्थंकर घोष ने कहा कि पुलिस या सीआइडी डॉ पल्लवी बनर्जी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर पायेगी. साथ ही उन्होंने डॉ पल्लवी बनर्जी को जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया.

गौरतलब है कि मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में एक प्रसूता की मृत्यु के बाद अस्पताल के 12 चिकित्सकों को लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है, जिसमें डॉ पल्लवी बनर्जी भी शामिल हैं. मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान डॉ पल्लवी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में दावा किया कि उन्होंने प्रसूता को एनेस्थीसिया दिया था, लेकिन मरीज की मौत एनेस्थीसिया के कारण नहीं हुई. उन्हें बिना किसी कारण के निलंबित कर दिया गया. इस घटना को लेकर पुलिस ने एफआइआर दर्ज की है, जिसके खिलाफ डॉ पल्लवी ने हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इसी मामले पर पर सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट ने यह आदेश दिया.

हालांकि, सलाइन कांड को लेकर मुख्य न्यायाधीश की अदालत में पहले ही एक जनहित याचिका दायर की जा चुकी है. इसलिए, यह मामला मुख्य न्यायाधीश के पास वापस भेज दिया गया है, ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि क्या इस मामले की सुनवाई करने का अधिकार उनके पास है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >