भारत को बांग्लादेश बनाने की हो रही कोशिश, छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर बोले दिलीप घोष

पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने छात्र आंदोलन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को विदेशी ताकतों की पेशेवर कठपुतली करार देते हुए भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान में बदलने की कोशिशों का आरोप लगाया है. घोष ने कहा कि ये प्रयास पहले भी नाकाम रहे हैं और इस बार भी विफल होंगे.

कोलकाता : बंगाल सरकार के मंत्री और बंगाल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने छात्र आंदोलन पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को विदेशी ताकतों की पेशेवर कठपुतली बताया. दिलीप ने दावा किया कि भारत को बांग्लादेश और पाकिस्तान में बदलने की कोशिशें की जा रही हैं. हालांकि, मंत्री ने यह भी कहा कि इससे कोई फायदा नहीं होगा.

आसान निशाना होता है संसद सत्र

प्रदर्शनकारी पिछले सोमवार से संसद में प्रदर्शन कर रहे हैं. विपक्ष ने संसद में इस मुद्दे पर फिर से चर्चा की मांग की है. सरकार ने भी चर्चा के लिए सहमति दे दी है. इस संबंध में दिलीप घोष ने कहा- संसद सत्र आसान निशाना होता है. उस समय वहां बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद होते हैं. वे ध्यान आकर्षित करने की कोशिश करते हैं. विदेशी एजेंटों पर तीखा प्रहार करते हुए राज्य मंत्री ने कहा-ये विदेशी एजेंट हैं. जो लोग पहले विरोध प्रदर्शन करने आए थे, अब वे भी समझ गए हैं कि उन्हें मोहरे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है.

ये कोशिशें नाकाम होंगी

उन्होंने दावा किया कि विपक्ष भारत में वही स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है जो पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में जन आंदोलनों के दौरान पैदा हुई थी. उन्होंने कहा- पाकिस्तान या बांग्लादेश बनाने की कोशिशें हो रही हैं. नेपाल या श्रीलंका बनाने की कोशिशें हो रही हैं. पहले भी ये कोशिशें नाकाम रही हैं. इस बार भी नाकाम होंगी. नतीजा वही होगा जो किसान आंदोलन में हुआ था.

पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

आंदोलनकारी विदेशियों की कठपुतलियां

दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि कुछ विदेशी ताकतें उनका समर्थन कर रही हैं. उन्होंने कहा- ये पेशेवर विदेशियों की कठपुतलियां हैं. इसलिए ये गड़बड़ी पैदा करेंगे. मोदी और अमित शाह की सरकार को मत भूलिए. सही समय पर सही फैसला लिया जाएगा. अगर कोई फैसला बहुत सख्त लिया गया, तो उसे फिर से हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा. जनता का कोई साथ नहीं है, कोई जनता उनके पक्ष में नहीं है, वे चुनाव हार जाते हैं. फिर इधर-उधर उछल-कूद करते हैं.

Also Read: पश्चिम बंगाल में 12 जिलों के मदरसों की होगी जांच, 21 जुलाई तक सरकार को मिलेगी रिपोर्ट


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >