बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, टीएमसी ने राजनीतिक हिंसा और पुलिस ज्यादती के लगाये आरोप

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने पश्चिम बंगाल में कथित राजनीतिक हिंसा और पुलिस ज्यादती को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. डेरेक ओब्रायन ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की ओर इशारा करते हुए विपक्षी दलों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. जानिए क्या है पूरा विवाद.

West Bengal News Today: पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस ज्यादती के आरोपों को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने केंद्र सरकार और विपक्ष की दोहरी राजनीति पर तीखा हमला बोला है. टीएमसी के राज्यसभा सांसद डेरेक ओब्रायन ने राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था और पार्टी कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों का मुद्दा उठाते हुए यह मांग की है.

अभिषेक बनर्जी ने शेयर किया विष्णुपुर घटना का वीडियो

राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की ओर से साझा किये गये वीडियो का हवाला देते हुए डेरेक ओब्रायन ने कहा कि विष्णुपुर प्रखंड अध्यक्ष ज्ञानानंद सामंता पर पुलिस की मौजूदगी में हमला किया गया. टीएमसी का आरोप है कि राज्य भर में उसके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है.

डेरेक ने पूछा- बंगाल में नहीं लगाया जाना चाहिए राष्ट्रपति शासन?

डेरेक ओब्रायन ने पूछा कि क्या ऐसे हालात में राज्य में राष्ट्रपति शासन (Article 356) नहीं लगाया जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि यदि किसी गैर-भाजपा (Non-BJP) शासित राज्य में ऐसा कोई घटनाक्रम होता, तो केंद्र सरकार अब तक वहां राष्ट्रपति शासन लागू कर चुकी होती.

ये भी पढ़ें: गिरफ्तार नहीं होंगे तृणमूल सांसद अभिषेक बनर्जी, कलकत्ता हाइकोर्ट ने दी तीन मामलों में राहत

केंद्र सरकार पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप

टीएमसी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल और केंद्र सरकार चुनिंदा तरीके से कानून-व्यवस्था के मुद्दे उठाती है, जबकि खुद टीएमसी कार्यकर्ता पुलिस और उपद्रवियों की ज्यादती का शिकार हो रहे हैं.

ये भी पढ़ें: NCPI में शामिल हुए 20 सांसदों के खिलाफ नोटिस, तृणमूल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट मांगा पक्ष


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं.

अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है.

वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं.

भौगोलिक विशेषज्ञता : वर्तमान में उनका फोकस पश्चिम बंगाल है. उन्होंने झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा की खबरों पर भी काम किया है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है.

मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :-

राज्य की राजनीति और शासन : वर्पतमान में श्चिम बंगाल की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज.

सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग.

जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित रिपोर्टिंग.

डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है.

विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर पत्रकारिता, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव और तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >