जीवन की धरोहर व संपदा है संस्कार : मुनि जिनेश कुमार

संस्कार जीवन निर्माण का आधार हैं, सत्य का साक्षात्कार है. संस्कार जीवन की धरोहर व संपदा है.

कोलकाता. जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के तत्वावधान में युगप्रधान आचार्यश्री महाश्रमण जी के सुशिष्य मुनिश्री जिनेश कुमार जी ठाणा 3 के सान्निध्य में पंच दिवसीय संस्कार निर्माण शिविर (बालक) का शुभारंभ तेरापंथ भवन साउथ कोलकाता में किया गया. इस अवसर पर धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि जिनेश कुमार ने कहा, व्यक्ति की पहचान धन दौलत, सत्ता, वैभव से नहीं होती है, व्यक्ति की पहचान संस्कार से होती है. संस्कार जीवन निर्माण का आधार हैं, सत्य का साक्षात्कार है. संस्कार जीवन की धरोहर व संपदा है. संस्कार के बिना जीवन मृत शरीर के समान है. संस्कारों की शुद्धि के लिए संरक्षण व संव���्धन के लिए समय-समय पर धार्मिक शिविर लगाये जाते हैं. शि अर्थात शिक्षा, वि अर्थात विवेक, र अर्थात रसब. शिक्षा विवेक के द्वारा जिसका जीवन रस मय बन जाता है वह शिविर में सहज ही ज्ञान, दर्शन, चारित्र, तप की आराधना होती है. शिविर में नयी जानकारी प्राप्त होती है, शिविर संस्कार शुद्धि का विशेष उपक्रम है. मुनि ने आगे कहा, संस्कारों के जागरण में सासंगत, सत्साहित्य, सदविचार ज्ञानार्जन की विशेष भूमिका रहती है . बदलते परिवेश में बच्चों को संस्कारी बनाना जरूरी है. माता पिता जन्म के साथ बच्चों को धार्मिक संस्कार दें. इस अवसर पर महासभा के महामंत्री विनोद बैद, कोषाध्यक्ष मदन मरोठी, संस्कार निर्माण शिविर के राष्ट्रीय संयोजक प्रफुल्ल बेताला, इस शिविर के संयोजक प्रकाश चंद मालू, विकास परिषद के सम्माननीय सदस्य बनेचंद मालू, महासभा आंचलिक प्रभारी शिखर चंद लुणावत, साउथ सभा के पूर्व अध्यक्ष एवं मुख्य न्यासी सुरेंद्र कुमार दूगड़, मुख्य न्यासी तुलसी कुमार दुगड़, आचार्य महाप्रज्ञ महाश्रमण एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष भीखम चंद पुगलिया, महामंत्री सुरेंद्र कुमार बोरड़, शिविर सहयोगी इंद्राजमल भुतोड़िया, बिजय सिंह कोठारी, कमल किशोर ललवाणी, प्रशिक्षक गौतमचंद वेदमुथा, संजय पारख, स्थानीय शिविर संयोजक नवीन दुगड़, विजय चोपड़ा आदि गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे. शिविर में कोलकाता व दक्षिण बंगाल से लगभग 73 बालकों ने हिस्सा लिया. इस अवसर पर बाल मुनि कुणाल कुमार जी ने सुमधुर गीत का संगान किया. कार्यक्रम का शुभारंभ ज्ञानशाला की प्रशिक्षिकाओं द्वारा गीत के संगान से हुआ. इस अवसर पर महासभा के महामंत्री विनोद बैद, साउथ सभा के मुख्य न्यासीतुलसी कुमार दुगड़, राष्ट्रिय संस्कार निर्माण शिविर के राष्ट्रीय संयोजक प्रफुल्ल बेताला, दक्षिण बंगाल शिविर के संयोजक प्रकाश चंद मालू, प्रशिक्षक गौतम चंद वेदमुथा ने अपने विचार व्यक्त किये. स्वागत भाषण साउथ सभा के अध्यक्ष बिनोद कुमार चोरड़िया ने किया. आभार ज्ञापन मंत्री कमल कुमार जैन ने किया. कार्यक्रम का संचालन मुनि परमानंद ने किया. सभा द्वारा अतिथियों एवं शिविर सहयोगियों का सम्मान किया गया.

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Published by: Ganesh mahto

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