तृणमूल से निष्कासित पार्षद को सात दिन की पुलिस हिरासत

अवैध निर्माण को लेकर हुए विवाद में 81 वर्षीय वृद्ध तुलसी अधिकारी की मौत के मामले में तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित आरोपी पार्षद व पेशे से वकील रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को सोमवार को बैरकपुर अदालत में पेश किया गया.

संवाददाता, बैरकपुर अवैध निर्माण को लेकर हुए विवाद में 81 वर्षीय वृद्ध तुलसी अधिकारी की मौत के मामले में तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित आरोपी पार्षद व पेशे से वकील रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को सोमवार को बैरकपुर अदालत में पेश किया गया. अदालत ने आरोपी को सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया. आरोपी पक्ष की ओर से जमानत की अर्जी दाखिल की गयी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया.सोमवार को बैरकपुर अदालत परिसर में आरोपी की पेशी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गये थे. इधर, पीड़ित परिवार ने पूरे मामले में न्याय की मांग की है. मामला बैरकपुर थाना क्षेत्र के मणिरामपुर इलाके का है, जहां तुलसी अधिकारी के पड़ोस में एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य चल रहा था. तुलसी अधिकारी के परिजनों का आरोप है कि उक्त निर्माण अवैध तरीके से किया जा रहा था. इसे लेकर परिजनों ने उत्तर बैरकपुर नगरपालिका के 23 नंबर वार्ड के पार्षद रवींद्रनाथ भट्टाचार्य से शिकायत की थी. कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों ने नगरपालिका के चेयरमैन को भी पत्र लिखा था, जिसके बाद विवाद और गहराता चला गया. आरोप है कि रविवार को इसी मुद्दे को लेकर पार्षद रवींद्रनाथ भट्टाचार्य और तुलसी अधिकारी के बेटे हेमंत अधिकारी के बीच झगड़ा हुआ. विवाद के दौरान बेटे के बचाव में तुलसी अधिकारी मौके पर पहुंचे. इसी दौरान कहासुनी बढ़ गयी और आरोप है कि पार्षद ने 81 वर्षीय वृद्ध को लात मार दी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े. गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. पार्षद ने आरोप को किया खारिज : वहीं, आरोपी पार्षद रवींद्रनाथ भट्टाचार्य ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है. उनका दावा है कि झगड़े के बाद वह वहां से जा रहे थे, तभी तुलसी अधिकारी अचानक गिर पड़े. उनका कहना है कि वृद्ध पहले से बीमार थे और अस्पताल ले जाने पर उनकी मौत हो गयी.घटना के बाद बैरकपुर के तृणमूल सांसद पार्थ भौमिक पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और हर संभव मदद का आश्वासन दिया. पार्टी ने रवींद्रनाथ भट्टाचार्य को तत्काल प्रभाव से छह वर्षों के लिए तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया.पार्षद होने के साथ साथ रवींद्रनाथ भट्टाचार्य एक वकील भी हैं. वह बैरकपुर कोर्ट के वकील हैं. इस मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ने खुद वकील के तौर पर अपने मामले की पैरवी की. कोर्ट में उन्होंने अपनी तरफ से दलीलें रखीं, लेकिन उनकी सारी दलीलें कोर्ट ने खारिज कर दीं. उन्होंने जमानत की अपील की, लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज करते हुए उन्हें सात दिनों की पुलिस हिरासत का निर्देश दिया.

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