हुगली में पॉलिटेक्निक व 100 बेड के अस्पताल का सीएम ने किया एलान

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार शाम हुगली के फुरफुरा शरीफ में इफ्तार में भाग लिया और सांप्रदायिक सौहार्द्र, शांति और एकता का संदेश दिया.

फुरफुरा शरीफ पहुंचीं ममता, इफ्तार में हुईं शामिल, दिया शांति और सौहार्द्र का संदेश

प्रतिनिधि, हुगलीमुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार शाम हुगली के फुरफुरा शरीफ में इफ्तार में भाग लिया और सांप्रदायिक सौहार्द्र, शांति और एकता का संदेश दिया. उन्होंने कहा: हमारा मार्गदर्शन हमेशा सद्भाव और एकजुटता पर आधारित रहेगा. इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि हुगली में ‘पीर’ मोहम्मद अबू बकर सिद्दीकी के नाम पर एक पॉलिटेक्निक कॉलेज और 100 बेड का अस्पताल बनाया जायेगा. उन्होंने जिलाधिकारी मुक्ता आर्य को एक पॉलिटेक्निक कॉलेज और एक बस स्टैंड बनाने के लिए प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. इस अवसर पर कई पीर साहब और पीरजादा उपस्थित थे. ओबीसी के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दोबारा अपनी बात रखी और आश्वस्त किया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी होने और आवश्यक ढांचा तैयार होने के बाद अस्पताल का उद्घाटन किया जायेगा. मुख्यमंत्री बनने के बाद यह तीसरी बार था जब ममता बनर्जी फुरफुरा शरीफ पहुंचीं. वह सोमवार शाम 5:09 बजे वहां पहुंचीं. इससे पहले उन्होंने 2012 और 2016 के विधानसभा चुनाव से पहले फुरफुरा शरीफ दरगाह का दौरा किया था. इस बार वह विशेष रूप से इफ्तार में शामिल होने पहुंचीं. इफ्तार के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा: मैं हर धर्म के उत्सवों में भाग लेती हूं. ईसाइयों के समारोहों में जाती हूं, ईद के मौके पर लोगों को मुबारकबाद देती हूं, खुद इफ्तार करती हूं, सिखों के गुरुद्वारे जाती हूं और गुजराती समाज के डांडिया में भी शामिल होती हूं. बंगाल की धरती हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल रही है. आज सभी के लिए प्रार्थना की. गौरतलब है कि हुगली जिले के फुरफुरा शरीफ गांव में ‘पीर’ मोहम्मद अबू बकर सिद्दीकी की दरगाह है. ऐसा माना जाता है कि फुरफुरा शरीफ के ‘पीर’ या धार्मिक नेता का राज्य के बांग्ला भाषी मुसलमानों के एक बड़े वर्ग पर काफी प्रभाव है. उधर, विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री की दरगाह यात्रा को ‘चुनाव पूर्व अनुष्ठान’ करार दिया. अधिकारी ने कहा: जब भी चुनाव नजदीक आते हैं, वह फुरफुरा शरीफ की यात्रा करती है. मुख्यमंत्री के इस दौरे पर विपक्ष के कुछ नेताओं ने सवाल उठाये थे. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने कहा: जब मैं काशी विश्वनाथ जाती हूं, तब कोई सवाल नहीं करता है. जब काली पूजा और दुर्गा पूजा में भाग लेती हूं, तब कोई आलोचना नहीं होती है. बंगाल की भूमि प्रेम और सद्भावना की भूमि है.

हाल ही में अल्पसंख्यकों को लेकर राज्य के विपक्षी दलों और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के बीच बयानबाजी चर्चा में रही थी. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विधानसभा में सर्वधर्म समभाव की अपील कर ममता बनर्जी ने स्थिति को संभालने की कोशिश की है. इसी क्रम में पार्टी के विधायक हुमायूं कबीर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था. इन तमाम घटनाक्रमों के बीच मुख्यमंत्री का यह फुरफुरा शरीफ दौरा खासा महत्वपूर्ण माना जा रहा है.क्या कहा मुख्यमंत्री ने

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