खास बातें
Chandranath Rath Murder Case Updates: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के हाथ 2 ऐसी कड़ियां लगी हैं, जो इस ‘ब्लाइंड मर्डर’ केस का क्लाइमेक्स साबित हो सकती हैं. अब तक अंधेरे में हाथ-पांव मार रही पुलिस को पता चला है कि इस हत्याकांड के तार पड़ोसी राज्य झारखंड से जुड़े हैं.
7 घंटे तक कहां थी कातिलों की कार?
हालांकि, जांच में एक ऐसा रहस्यमय मोड़ आया है, जिसने पुलिस की नींद उड़ा दी है. वारदात वाले दिन दोपहर 3 बजे से लेकर रात को हत्या होने तक, यानी करीब 6 से 7 घंटे तक कातिलों की कार कहां थी, इसका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है.
झारखंड से आयी ‘मौत की कार’ और UPI पेमेंट
पुलिस के मुताबिक, इस वारदात में इस्तेमाल की गयी कार झारखंड से बंगाल में दाखिल हुई थी. कातिलों ने पहचान छिपाने के लिए बंगाल की सीमा में घुसते ही कार की असली नंबर प्लेट बदल दी. लेकिन बाली (Bally) टोल प्लाजा पार करते समय उन्होंने एक बड़ी गलती कर दी. हमलावरों ने फास्टैग या कैश की बजाय UPI से पेमेंट किया. यही डिजिटल ट्रांजैक्शन अब पुलिस के लिए सबसे अहम कड़ी बन गया है, जिससे बैंक खातों और असली पहचान तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है.
इसे भी पढ़ें : कौन थे चंद्रनाथ रथ, जिनकी हत्या से दहल गया बंगाल, कभी बनना चाहते थे संन्यासी
बैकट्रैकिंग में खुला 7 घंटे का ‘ब्लैक होल’
SIT की टीम अब चंद्रनाथ के उस दिन के हर कदम की ‘बैकट्रैकिंग’ कर रही है. सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, संदिग्ध कार दोपहर 3 बजे मध्यमग्राम क्रॉसिंग पर देखी गयी थी. उससे पहले उसे बेलघरिया एक्सप्रेस-वे पर भी स्पॉट किया गया था. इसके बाद अगले 7 घंटे तक कार रडार से बाहर रही. पुलिस को संदेह है कि इस दौरान कातिल शहर की उन संकरी गलियों और कम रोशनी वाली सड़कों की रेकी कर रहे थे, जहां से वारदात के बाद भागना आसान हो.
बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
55 सेकेंड का ऑपरेशन: कातिल को ‘टारगेट’ की लोकेशन की थी जानकारी
बंगाल पुलिस ने कहा है कि इस हत्याकांड को किसी प्रोफेशनल थ्रिलर फिल्म की तरह प्लान किया गया था. हमलावरों को सटीक जानकारी थी कि चंद्रनाथ अपनी महिंद्रा स्कॉर्पियो की अगली सीट पर बैठे हैं. एक सिल्वर रंग की निसान माइक्रा ने रथ की गाड़ी को ब्लॉक किया और पीछे से आये बाइक सवार पेशेवर शूटरों ने प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोलियां बरसा दीं. हत्या के बाद हमलावर चोरी की लाल रंग की गाड़ी और बाइक से फरार हो गये. यह सब महज 55 सेकेंड में हुआ.
इसे भी पढ़ें : चंद्रनाथ रथ मर्डर केस में बड़ा खुलासा- ग्लॉक 47X पिस्टल से गोली मारी, प्रोफेशनल शूटर्स का हाथ
Chandranath Rath Murder Case Updates: 8 लोग और बाहरी राज्यों का कनेक्शन
SIT को संदेह है कि इस साजिश में कम से कम 8 लोग शामिल थे. स्थानीय अपराधियों ने रसद और रेकी में मदद की, जबकि शूटर बाहर से बुलाये गये थे. इसी सुराग के आधार पर पुलिस की 2 टीमें उत्तर प्रदेश और बिहार भेजी हैं. फिलहाल 3 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है.
