आरजी कर कांड. 90 दिनों के भीतर पूरक आरोप पत्र पेश नहीं किये जाने से दो की हुई थी जमानत कोलकाता. आरजी कर मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में एक महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या से जुड़े एक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) सियालदह कोर्ट में जल्द पूरक आरोप पत्र दाखिल करने की तैयारी में है. सूत्रों की मानें, तो इस आरोप पत्र को नयी दिल्ली स्थित सीबीआइ मुख्यालय की एक विशेष कानूनी टीम की निगरानी में तैयार किया जा रहा है. यह मामला घटना में साक्ष्यों से छेड़छाड़ से जुड़ा है, जिसके आरोप में टाला थाना के पूर्व ओसी अभिजीत मंडल व आरजी कर मेडिकल काॅलेज के पूर्व प्रिसिंपल संदीप घोष की गिरफ्तारी हुई थी. सीबीआइ ने 90 दिनों के भीतर इनके खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल करने में विफल रही, जिसके कारण अदालत ने दोनों को जमानत दे दी थी. मंडल जमानत पर बाहर हैं, जबकि घोष आरजी कर अस्पताल के भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में अभी भी न्यायिक हिरासत की अवधि संशोधनागार में ही काट रहे हैं.बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी की कोशिश है कि उक्त मामले में 17 मार्च से पहले पूरक आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाये. इसकी वजह है कि उसी दिन सुप्रीम कोर्ट में उक्त मामले की अगली सुनवाई होनी है. पूरक आरोप पत्र में प्रमुख रूप से साक्ष्यों से छेड़छाड़ से जुड़े तथ्यों को उजागर किये जाने की संभावना है. सूत्रों के अनुसार, आरजी कर मामले में संग्रह किये गये कुछ नमूनों की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) की जांच रिपोर्ट, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और जब्त किये गये विभिन्न मोबाइल सिम कार्ड की जांच के निष्कर्ष संभवत: आरोप पत्र के आधार बनेंगे. संभवत: यही वजह है कि सीबीआइ की ओर से अदालत में टाला थाना के पूर्व ओसी मंडल द्वारा अपने मोबाइल सिम कार्ड की वापसी के लिए दायर अर्जी का विरोध किया गया था.
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