शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ मर्डर केस में यूपी का हिस्ट्रीशीटर मऊ जेल से गिरफ्तार

CBI Arrests Gyanendra Pratap Singh: पश्चिम बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सीबीआई ने उत्तर प्रदेश के बलिया के हिस्ट्रीशीटर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू को मऊ जेल से हिरासत में लिया है. बलिया से अब तक 4 आरोपी गिरफ्तार किये जा चुके हैं.

CBI Arrests Gyanendra Pratap Singh: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के ठीक दो दिन बाद हुई हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एक और बड़ी सफलता मिली है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू को शनिवार को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया.

सीबीआई से बचने के लिए कर दिया था सरेंडर

ज्ञानेंद्र ने सीबीआई से बचने के लिए उत्तर प्रदेश के एक पुराने मामले में चुपके से कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. इसके बाद से वह मऊ जेल में सुरक्षित छिपने की फिराक में था, लेकिन सीबीआई की विशेष टीम ने मऊ जेल पहुंचकर उसके पूरे प्लान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. 12 संगीन अपराध में वांछित ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सीबीआई की दबिश से बचने के लिए बृहस्पतिवार को ही उसने सरेंडर कर दिया था.

कोलकाता कोर्ट का वारंट

सीबीआई ने इस शातिर चाल को नाकाम करते हुए पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत से ज्ञानेंद्र के खिलाफ वारंट हासिल किया. इसी वारंट के आधार पर शनिवार को सीबीआई मऊ जिला कारागार पहुंची और शीतल दवानी गांव के निवासी इस हिस्ट्रीशीटर को अपनी हिरासत में लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गयी.

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सोशल मीडिया पर वीडियो और फेसबुक पोस्ट का ड्रामा

हत्याकांड का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तारी और सरेंडर से ठीक पहले आरोपी ज्ञानेंद्र का एक वीडियो और एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. पोस्ट में उसने खुद को बेकसूर बताते हुए रथ हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग की थी. उसने पश्चिम बंगाल के कई बड़े सफेदपोशों को हत्याकांड का असली साजिशकर्ता बताया था. ज्ञानेंद्र की पत्नी ने भी दावा किया है कि उनके पति पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें सीबीआई (CBI) की जांच पर पूरा भरोसा है.

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सीबीआई के शिकंजे में 4 खूंखार अपराधी

चंद्रनाथ रथ की हत्या की सुपारी और साजिश के तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गहराई से जुड़े हैं. इस मामले में बलिया 4 खूंखार अपराधी अब तक सीबीआई के शिकंजे में आ चुके हैं. ज्ञानेंद्र से पहले बलिया जिले के थम्हनपुरा गांव के नवीन कुमार सिंह और बांसडीह रोड क्षेत्र के गोलू सिंह उर्फ टाइगर को ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई कोलकाता ला चुकी है. रसड़ा क्षेत्र के राज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.

गिरफ्तार आरोपियों का ज्ञानेंद्र से कराया जायेगा आमना-सामना

ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के बाद बलिया का यह पूरा सिंडिकेट अब सीबीआई की रिमांड पर है. केंद्रीय जांच एजेंसी इन सभी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी में है.

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CBI Arrests Gyanendra Pratap Singh: चुनावी नतीजों के ठीक 2 दिन बाद मारी थी गोली

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की 6 मई को पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. यह खूनी वारदात विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के ठीक 2 दिन बाद हुई थी. इसके बाद बंगाल में भीषण राजनीतिक तनाव फैल गया था. मामले की गंभीरता और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गयी थी.

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लेखक के बारे में

Published by: Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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