CBI Arrests Gyanendra Pratap Singh: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के ठीक दो दिन बाद हुई हाई-प्रोफाइल राजनीतिक हत्या के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को एक और बड़ी सफलता मिली है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पूर्व सहयोगी चंद्रनाथ रथ की सनसनीखेज हत्या के मामले में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोनू को शनिवार को सीबीआई ने हिरासत में ले लिया.
सीबीआई से बचने के लिए कर दिया था सरेंडर
ज्ञानेंद्र ने सीबीआई से बचने के लिए उत्तर प्रदेश के एक पुराने मामले में चुपके से कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. इसके बाद से वह मऊ जेल में सुरक्षित छिपने की फिराक में था, लेकिन सीबीआई की विशेष टीम ने मऊ जेल पहुंचकर उसके पूरे प्लान को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. 12 संगीन अपराध में वांछित ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सीबीआई की दबिश से बचने के लिए बृहस्पतिवार को ही उसने सरेंडर कर दिया था.
कोलकाता कोर्ट का वारंट
सीबीआई ने इस शातिर चाल को नाकाम करते हुए पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) की अदालत से ज्ञानेंद्र के खिलाफ वारंट हासिल किया. इसी वारंट के आधार पर शनिवार को सीबीआई मऊ जिला कारागार पहुंची और शीतल दवानी गांव के निवासी इस हिस्ट्रीशीटर को अपनी हिरासत में लेकर कोलकाता के लिए रवाना हो गयी.
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सोशल मीडिया पर वीडियो और फेसबुक पोस्ट का ड्रामा
हत्याकांड का एक और चौंकाने वाला पहलू यह है कि गिरफ्तारी और सरेंडर से ठीक पहले आरोपी ज्ञानेंद्र का एक वीडियो और एक फेसबुक पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था. पोस्ट में उसने खुद को बेकसूर बताते हुए रथ हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग की थी. उसने पश्चिम बंगाल के कई बड़े सफेदपोशों को हत्याकांड का असली साजिशकर्ता बताया था. ज्ञानेंद्र की पत्नी ने भी दावा किया है कि उनके पति पूरी तरह निर्दोष हैं और उन्हें सीबीआई (CBI) की जांच पर पूरा भरोसा है.
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सीबीआई के शिकंजे में 4 खूंखार अपराधी
चंद्रनाथ रथ की हत्या की सुपारी और साजिश के तार उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से गहराई से जुड़े हैं. इस मामले में बलिया 4 खूंखार अपराधी अब तक सीबीआई के शिकंजे में आ चुके हैं. ज्ञानेंद्र से पहले बलिया जिले के थम्हनपुरा गांव के नवीन कुमार सिंह और बांसडीह रोड क्षेत्र के गोलू सिंह उर्फ टाइगर को ट्रांजिट रिमांड पर सीबीआई कोलकाता ला चुकी है. रसड़ा क्षेत्र के राज कुमार सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है.
गिरफ्तार आरोपियों का ज्ञानेंद्र से कराया जायेगा आमना-सामना
ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह की गिरफ्तारी के बाद बलिया का यह पूरा सिंडिकेट अब सीबीआई की रिमांड पर है. केंद्रीय जांच एजेंसी इन सभी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी में है.
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CBI Arrests Gyanendra Pratap Singh: चुनावी नतीजों के ठीक 2 दिन बाद मारी थी गोली
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की 6 मई को पश्चिम बंगाल के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. यह खूनी वारदात विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के ठीक 2 दिन बाद हुई थी. इसके बाद बंगाल में भीषण राजनीतिक तनाव फैल गया था. मामले की गंभीरता और राजनीतिक संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गयी थी.
