गिरफ्त में शातिर. महाराष्ट्र के नागपुर व छत्रपति संभाजी नगर से हुई गिरफ्तारी
संवाददाता, कोलकाताकेंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआइ ने करीब 15 साल से फरार चल रहे बैंक धोखाधड़ी मामले में लिप्त चार आरोपियों को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किये गये आरोपियों के नाम राजकुमार चुरेवाल, माधव चुरेवाल, दीपक चुरेवाल और राजेश चुरेवाल बताये गये हैं. सभी एक ही परिवार से हैं और इन्हें महाराष्ट्र के नागपुर व छत्रपति संभाजी नगर से पकड़ा गया है. सीबीआइ सूत्र बताते हैं कि राजकुमार और माधव चुरेवाल को सीबीआइ कोलकाता जोन इओबी की दो अलग-अलग बैंक फ्रॉड मामलों में अदालत ने भगोड़ा घोषित किया था. वहीं दीपक और राजेश चुरेवाल को 2010 में इसी बैंक धोखाधड़ी के मामले में भगोड़ा घोषित किया गया था. परिवार के एक अन्य सदस्य सुरेंद्र कुमार चुरेवाल को भी भगोड़ा घोषित किया गया था, लेकिन उसकी अब मृत्यु हो चुकी है. फरार होने के दौरान आरोपियों ने अपनी पहचान छुपाने के लिए फर्जी नामों से सरकारी पहचान पत्र बनवाये. सीबीआइ ने इनकी जानकारी देने पर एक-एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी. हाल ही में सीबीआइ को आरोपियों के नये नाम और पते से जुड़े सुराग मिले. इन्हीं इनपुट्स के आधार पर रविवार को सीबीआइ इओबी कोलकाता की टीमों ने महाराष्ट्र और नागपुर में अभियान चलाया. इसमें नागपुर से राजकुमार, माधव और दीपक चुरेवाल तथा छत्रपति संभाजीनगर से राजेश चुरेवाल को गिरफ्तार किया गया.पुलिस के साथ मिलकर नये मामले दर्ज करने की तैयारी में जांच एजेंसी सीबीआइ
राज्य पुलिस के साथ मिलकर इनके खिलाफ नये मामले दर्ज करने की तैयारी कर रही है. इसमें पहचान छिपाकर धोखाधड़ी करना, जालसाजी और अन्य संबंधित अपराध शामिल होंगे. जांच में यह भी सामने आया है कि फरार रहने के दौरान आरोपियों ने कुछ बैंकों से फर्जी पहचान के आधार पर नया ऋण भी लिया था, जिसे उन्होंने बाद में चुकाया नहीं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
