अदालत ने रिपोर्ट पेश करने के लिए तय की समय-सीमा

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नदिया जिले में हिरासत में एक कैदी की मृत्यु व हत्या के एक मामले की जांच का जिम्मा सीबीआइ को सौंपे जाने की बात कही थी. हालांकि, राज्य सरकार ने हाइकोर्ट के इस टिप्पणी पर आपत्ति जतायी है. अब इस मामले में हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए समय सीमा तय कर दी है.

कोलकाता.

कलकत्ता उच्च न्यायालय ने नदिया जिले में हिरासत में एक कैदी की मृत्यु व हत्या के एक मामले की जांच का जिम्मा सीबीआइ को सौंपे जाने की बात कही थी. हालांकि, राज्य सरकार ने हाइकोर्ट के इस टिप्पणी पर आपत्ति जतायी है. अब इस मामले में हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को जवाब देने के लिए समय सीमा तय कर दी है. बताया गया है कि मामले की अगली सुनवाई पांच मार्च को होगी और उस दिन सुनवाई के समय राज्य सरकार को रिपोर्ट पेश करनी होगी.

बुधवार को मामले की सुनवाई में न्यायाधीश जस्टिस तीर्थंकर घोष ने कहा : मैंने केस डायरी देखी है. इसमें कई गलतियां हैं. केस डायरी में कई कागजात गायब हैं. फिर भी मैं राज्य को एक मौका दे रहा हूं. अगर राज्य सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो मामले की जांच का जिम्मा सीबीआइ को सौंप दी जायेगी. न्यायाधीश ने यह भी टिप्पणी की कि हालांकि सीबीआइ पर ज्यादा भरोसा नहीं है, लेकिन दोनों घटनाएं आपस में जुड़ी हुई हैं. चूंकि परिवार को फंसाने की घटना की जांच सीबीआइ कर रही है, इसलिए इस मामले की जांच का जिम्मा भी सीबीआइ को सौंपा जा सकता है.

क्या है मामला : उल्लेखनीय है कि 26 अगस्त 2023 को नदिया के मुरुतिया थाना क्षेत्र में शौकत मंडल नामक एक शख्स की पुलिस हिरासत में मौत हो गयी थी, जिसमें परिवार के सदस्य चश्मदीद गवाह हैं. आरोप है कि उसी रात घर से करीब 20 किलोमीटर दूर एक और हत्या हुई और मुरुटिया थाना पुलिस ने घटना में शौकत मंडल के पूरे परिवार को आरोपी बना कर फंसा दिया. जब परिवार ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, तो कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हत्या के मामले में फंसाने के आरोपों की सीबीआइ जांच का आदेश दिया. राज्य ने उस फैसले को चुनौती दी और मामला सर्वोच्च न्यायालय में चला गया. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की अपील को खारिज करते हुए और सीबीआइ जांच के आदेश को बरकरार रखा.

मामले की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर चल रही कोर्ट में सुनवाई

न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की अदालत में कथित हिरासत में मौत की घटना की सीबीआइ जांच की मांग को लेकर एक मामले की सुनवाई चल रही है. मुरुटिया पुलिस स्टेशन के ओसी के वकील ने दावा किया कि घटना के समय वह घटनास्थल पर नहीं थे. लेकिन इस मामले से सबसे ज्यादा प्रभावित वही हुए हैं. उन्होंने अदालत में निर्दोष होने का दावा किया. इस मामले की अगली सुनवाई पांच मार्च को अदालत में होगी.

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By Prabhat Khabar News Desk

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