क्या इस तरह की जमीन नीलामी के जरिये बेच सकती है सरकार?

अलीपुर चिड़ियाघर की जमीन की नीलामी को लेकर विवाद गहरा गया है. कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुजय पाल और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने पूछा है कि क्या सरकार ऐसी जमीन नीलामी के जरिये बेच सकती है?

सुनवाई. चिड़ियाघर की जमीन बेचने के मामले में हाइकोर्ट ने पूछा सवाल

संवाददाता, कोलकाता

अलीपुर चिड़ियाघर की जमीन की नीलामी को लेकर विवाद गहरा गया है. कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सुजय पाल और न्यायमूर्ति स्मिता दास डे की खंडपीठ ने पूछा है कि क्या सरकार ऐसी जमीन नीलामी के जरिये बेच सकती है?

सूत्रों के अनुसार, जमीन की नीलामी के लिए 23 मई, 2025 को निविदा आमंत्रित की गयी थी. बुधवार को अदालत में बताया गया कि शुरुआत में नीलामी की अनुमति नहीं थी. बाद में, नीलामी का नया नोटिस जारी किया गया. इस संदर्भ में, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अगले दो सप्ताह में रिपोर्ट सौंप दी जायेगी. अदालत ने संबंधित पक्षों को इस संबंध में एक पूरक हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया. इस मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी.

क्या है मामला : गौरतलब है कि अलीपुर चिड़ियाघर की जमीन बेचने के खिलाफ कलकत्ता हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है. इस याचिका में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार अलीपुर चिड़ियाघर के पास की 250 कट्ठे की जमीन अवैध रूप से बेचने का प्रयास कर रही है. इसके लिए निविदा भी जारी की जा चुकी है. याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अनदेखी करते हुए राज्य सरकार ने जमीन बेचने की प्रक्रिया शुरू की है, जबकि उक्त जमीन पर पशु अस्पताल और क्वारंटीन सेंटर बनाये जाने थे, लेकिन अब इसे एक शॉपिंग मॉल बनाने के लिए बेचा जा रहा है.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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