पैरा टीचरों के नबान्न मार्च को पुलिस ने बीच में ही रोका

राज्य के पैरा टीचर्स ने गुरुवार को वेतन वृद्धि, रिक्त पदों पर नियुक्ति और ईपीएफ जैसी मांगों को लेकर नबान्न अभियान चलाया. महानगर के धर्मतला इलाके में भारी संख्या में शिक्षक जुटे और प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी शिक्षक नारे लगा रहे थे कि इतने कम वेतन में उनका गुजारा संभव नहीं है और राज्य सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है.

कोलकाता

. राज्य के पैरा टीचर्स ने गुरुवार को वेतन वृद्धि, रिक्त पदों पर नियुक्ति और ईपीएफ जैसी मांगों को लेकर नबान्न अभियान चलाया. महानगर के धर्मतला इलाके में भारी संख्या में शिक्षक जुटे और प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारी शिक्षक नारे लगा रहे थे कि इतने कम वेतन में उनका गुजारा संभव नहीं है और राज्य सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है. टीचर्स का कहना है कि उनकी अंतिम वेतन वृद्धि 2018 में हुई थी और उसके बाद से सरकार ने इस विषय पर कोई कदम नहीं उठाया. वेतन कम होने के चलते वे अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पा रहे हैं.

उन्होंने रिक्त पदों को भरने और ईपीएफ लागू करने की भी मांग की.नबान्न अभियान के तहत शिक्षक सियालदह से रवाना हुए, लेकिन धर्मतला पहुंचते ही कोलकाता पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया. इस दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स तोड़ने और नबान्न पहुंचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पीछे ढकेल दिया. प्रदर्शन का आयोजन समग्र शिक्षा बचाओ मंच की अगुवाई में किया गया, जिसमें 12 शिक्षक संगठन शामिल हुए. शिक्षक संगठनों ने कहा कि वे तब तक संघर्ष जारी रखेंगे, जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाता.

एक प्रदर्शनकारी शिक्षक ने बताया कि अगस्त में वेतन वृद्धि से संबंधित फाइल विकास भवन से नबान्न भेजी गयी थी, लेकिन अब फैसला मुख्यमंत्री को लेना है. इसी वजह से वे नबान्न की ओर मार्च कर रहे थे. पैरा शिक्षकों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन और तेज किया जायेगा. उनका कहना है कि राज्य के 91,000 अंशकालिक शिक्षकों का परिवार आर्थिक संकट में है और सरकार को अविलंब हस्तक्षेप करना चाहिए.

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By BIJAY KUMAR

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