Gyanesh Kumar in Bengal: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए कोलकाता पहुंचे भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त और उनकी टीम को काले झंडे दिखाये गये हैं. चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार अपने 2 इलेक्शन कमिश्नर के साथ रविवार की रात दमदम के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे. यहां से कार से होटल की ओर जा रहे थे. इसी दौरान वीआईपी रोड पर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाये. उनका विरोध किया.
60 लाख वोटर को जांच के दायरे में रखकर वोट संभव नहीं
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए सीपीएम के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. माकपा का कहना है कि 60 लाख मतदाताओं को जांच के दायरे में रखकर विधानसभा चुनाव की घोषणा नहीं की जा सकती. माकपा कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर और पोस्टर थे. उन पर लिखे थे- तब तक वोट नहीं हो सकता, जब तक मतदाता सूची से हटाये गये सभी नामों को फिर से वोटर लिस्ट में शामिल नहीं कर लिया जाता.
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इलेक्शन कमीशन गो बैक के लगे नारे
एक पोस्टर पर लिखा था- वोटर्स डिलीटेड. यानी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से उड़ा दिये गये. एक अन्य ने हाथ में जो पोस्टर ले रखी थी, उस पर लिखा था- नो वोटर्स, नो वोट. यानी मतदाता नहीं, तो वोट नहीं. माकपा कार्यकर्ताओं ने इलेक्शन कमीशन गो बैक के नारे भी लगाये. पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर बवाल मचा हुआ है. ममता बनर्जी 3 दिन से धर्मतला के मेट्रो चैनल पर धरना दे रहीं हैं और चुनाव आयोग के साथ-साथ भाजपा और केंद्र सरकार पर लगातार हमले बोल रहीं हैं. बंगाल में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने की संभावना है.
Gyanesh Kumar in Bengal: सोमवार-मंगलवार को मैराथन बैठक करेगा चुनाव आयोग
चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार 2 दिन के दौरे पर कोलकाता आये हैं. वह सोमवार और मंगलवार को दिन भर प्रदेश के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मैराथन बैठक करेंगे. मंगलवार को ही निर्वाचन आयोग की टीम दिल्ली लौट जायेगी. इसके बाद बंगाल समेत 5 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में मतदान की किसी भी दिन घोषणा की जा सकती है.
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