भाजपा मतुआ समुदाय से नागरिकता का अधिकार छीनना चाहती है : ममता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर मतदाता सूची संशोधन की आड़ में मतुआ समुदाय को उनके नागरिकता अधिकारों से वंचित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया.

हरिचंद ठाकुर की जयंती पर मुख्यमंत्री का आरोप

संवाददाता, कोलकाता

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर मतदाता सूची संशोधन की आड़ में मतुआ समुदाय को उनके नागरिकता अधिकारों से वंचित करने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने साथ ही मतुआ समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी व्यक्त किया. ममता बनर्जी ने मतुआ समुदाय के संस्थापक हरिचंद ठाकुर की जयंती के अवसर पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि भाजपा उन लोगों में भय फैला रही है, जो पीढ़ियों से इस धरती के बेटे-बेटियां हैं. उन्होंने कहा कि हरिचंद ठाकुर द्वारा शुरू किया गया आंदोलन लोगों के आत्मसम्मान और मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए था.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, “आज यह देखकर दुख होता है कि भाजपा सरकार उस पवित्र संघर्ष को कलंकित करने का प्रयास कर रही है. इस देश के सच्चे नागरिकों के अधिकार छीने जा रहे हैं. मैं इस साजिश को कभी स्वीकार नहीं करूंगी.” हरिचंद ठाकुर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘हाते काम, मुखे नाम’ (हाथों से काम करो, भगवान का नाम जपो) के उनके मंत्र के माध्यम से काम और भक्ति को जोड़ने की शिक्षाएं हमेशा समाज के लिए मार्गदर्शक बनी रहेंगी.

ममता बनर्जी ने मतुआ समुदाय के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा शुरू की गयी कई योजनाओं का भी उल्लेख किया. इनमें ठाकुरनगर के पास हरिचंद-गुरुचंद विश्वविद्यालय की स्थापना, कृष्णानगर में उसका एक विस्तार परिसर, गायघाटा में पीआर ठाकुर राजकीय महाविद्यालय, नये आइटीआइ और पॉलिटेक्निक कॉलेज तथा हाबरा-गायघाटा क्षेत्र के लिए ‘जलतृप्ति’ जल परियोजना शामिल हैं.

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By AKHILESH KUMAR SINGH

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