कोलकाता.
केंद्रीय राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने तृणमूल विधायक हुमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद से जुड़े बयान की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के हुमायूं कबीर जैसे नेता हिंदुओं को डराने और धमकाने की कोशिश कर रहे हैं. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह संदेश बंगाल के हिंदुओं को समझना चाहिए. मजूमदार ने आरोप लगाया कि हुमायूं कबीर जैसे लोगों को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पूरा समर्थन है, यही वजह है कि उनके बयान के बाद तृणमूल के किसी नेता ने कोई टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि ऐसे बयान बंगाल में मौजूद भाईचारे के माहौल को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हैं. मजूमदार ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब हुमायूं कबीर ने इस तरह का विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कबीर इससे पहले भी दावा कर चुके हैं कि मुर्शिदाबाद में 70 प्रतिशत मुस्लिम और 30 प्रतिशत हिंदू रहते हैं और मुस्लिम चाहें तो हिंदुओं को कभी भी भागीरथी या मां गंगा में फेंक सकते हैं. मजूमदार ने कहा कि बंगाल के हिंदुओं को यह समझना होगा, नहीं तो आने वाले समय में हर मंदिर की जगह बाबरी मस्जिद बनेगा. सुकांत मजूमदार ने एसआइआर के दौरान एक बीएलओ की कथित आत्महत्या का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि क्या उसने वास्तव में सुसाइड नोट लिखा था. उन्होंने कहा, “साइबर क्राइम कई राज्यों में होता है और हर जगह सुसाइड नहीं होते, फिर बंगाल में ही ऐसा क्यों हो रहा है? साइबर क्राइम हर जगह है, इसलिए समस्या साइबर क्राइम में नहीं है. बंगाल में कुछ खास समस्या है, जिसकी वजह से लोग आत्महत्या कर रहे हैं.” मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंगलवार को मतुआ समुदाय के लिए जुलूस और सभा करने के कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए मजूमदार ने कहा कि वह किसी प्रोटेस्ट रैली में नहीं जा रही हैं. उन्होंने दावा किया कि चार काउंसिलरों के घर के सामने गोली चली है, क्योंकि पार्टी ने चेयरमैन को बदलने का निर्णय लिया है और यह सब पैसे के लिए हो रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
