चुनाव आयोग की मदद से भाजपा कर रही साइलेंट रिगिंग

राज्य की सियासत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है.

कोलकाता. राज्य की सियासत में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है. तृणमूल कांग्रेस के नेता व सांसद कल्याण बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा, आयोग की मदद से साइलेंट रिगिंग कर रही है. उनका दावा है कि बूथों की संख्या बढ़ाने के नाम पर 2025 की मतदाता सूची को मान्यता दी जा रही है, जबकि वास्तविक मतदाताओं की पुष्टि की प्रक्रिया को नजरअंदाज किया जा रहा है. बनर्जी ने रविवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा : अगर 2025 की मतदाता सूची के आधार पर बूथों की संख्या बढ़ायी जा रही है, तो उसी सूची को मान्यता देनी होगी. यह बहुत स्पष्ट है कि यह साइलेंट रिगिंग है और यह भाजपा चुनाव आयोग के माध्यम से कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के कुछ कदम असंवैधानिक हैं और मतदाता सूची में पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाते हैं. उन्होंने कहा : यह दोहरी नीति है. एक ओर 2025 की वोटर लिस्ट के आधार पर बूथ बढ़ाये जा रहे हैं, लेकिन जब वास्तविक मतदाताओं की पुष्टि की बात आती है, तो उसी सूची को मान्यता नहीं दी जाती. यह लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ है.

इससे पहले, तृणमूल प्रवक्ता कुणाल घोष ने भी साइलेंट रिगिंग का आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा मतदाता सूची में योजनाबद्ध तरीके से बदलाव करा रही है. उन्होंने आरोप लगाया था कि यह पूरा षड्यंत्र भाजपा के दफ्तर में तैयार किया गया और अब वही चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दिखायी दे रहा है.

तृणमूल नेतृत्व का कहना है कि यह रणनीति राज्य में मतदाता संतुलन को बदलने की कोशिश का हिस्सा है, ताकि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा को फायदा मिल सके. पार्टी नेताओं का तर्क है कि एसआइआर के नाम पर सुनियोजित मतदाता निष्कासन और बूथ पुनर्विन्यास किया जा रहा है.

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By SANDIP TIWARI

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