एजेंसियां, कोलकाता
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए दक्षिण कोलकाता के रासबिहारी से भाजपा नेता स्वपन दासगुप्ता का नामांकन एक तरह से घर वापसी जैसा है. नफील्ड कॉलेज, ऑक्सफोर्ड के विद्वान, स्तंभकार और हिंदुत्व राष्ट्रवाद के विचारक दासगुप्ता मानते हैं कि उनकी स्पष्ट रूप से शहरी छवि उन्हें रासबिहारी सीट के लिए ‘और अधिक उपयुक्त’ बनाती है. यह वही निर्वाचन क्षेत्र है जहां उनका और उनके विस्तारित परिवार का निवास है.भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व राज्यसभा सदस्य ने 2021 के विधानसभा चुनावों में ग्रामीण तारकेश्वर सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह जीत नहीं पाये और अपने निकटतम टीएमसी प्रतिद्वंद्वी से 7,000 से कुछ अधिक वोटों के अंतर से हार गये. दासगुप्ता ने बातचीत में कहा: रासबिहारी मेरे लिए घर की सीट जैसी है. यह एक ऐसी विधानसभा सीट है जिसकी सीमाएं समय-समय पर बदलती रहती हैं, लेकिन मेरा पूरा परिवार यहीं रहता है. यहां कोलकाता के कुछ सबसे संपन्न लोगों के साथ-साथ शहर के सबसे गरीब तबके के लोग भी रहते हैं, जिससे यह इलाका काफी विविधतापूर्ण है.
उन्होंने कहा: कालीघाट का काली मंदिर यहीं स्थित है. लेकिन चुनावी प्रतिष्ठा के लिहाज से इस सीट को महत्वपूर्ण बनाने वाली बात यह है कि यह भवानीपुर से सटी हुई है, जो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का क्षेत्र है, जहां इस बार उन्हें हमारे नेता शुभेंदु अधिकारी चुनौती देंगे.