तृणमूल संकट के बीच बोलीं ममता बनर्जी- भाजपा ने ईवीएम और काउंटिंग में की हेरफेर

Bengal TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस में मचे घमासान के बीच ममता बनर्जी ने भाजपा पर हमला बोला है. उन्होंने विधानसभा चुनाव में ईवीएम और वोटों की गिनती में बड़े पैमाने पर हेरफेर के आरोप लगाये हैं. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Bengal TMC Crisis: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद से ही राजनीतिक संकट में घिरी तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीम लीडर ममता बनर्जी ने एक बार फिर आक्रामक रुख अपना लिया है. शनिवार को पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य के इस्तीफे और बागी खेमे से हाथ मिलाने के बाद बैकफुट पर आयीं ममता बनर्जी ने हार का ठीकरा इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और मतों की गिनती की प्रक्रिया पर फोड़ दिया है. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सत्ता हथियाने के लिए ईवीएम और काउंटिंग में बड़े पैमाने पर हेरफेर की.

सब पहले से तय था, हमारे एजेंट्स को बाहर निकाला : ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने चुनाव और नतीजों के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों पर गंभीर सवाल उठाये. फेसबुक पर लाईव आकर ममता ने कहा कि मतगणना के दिन (Counting Day) रिटर्निंग ऑफिसर्स और केंद्रीय बलों के दबाव में आकर उनके काउंटिंग एजेंट्स को मतगणना केंद्रों से जबरन बाहर निकाला गया या उन्हें डराया-धमकाया गया. उन्होंने दावा किया कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा से लेकर वोटिंग डेटा तक में हेरफेर की गयी. बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जनता का वास्तविक जनादेश नहीं है, बल्कि सरकारी मशीनरी और तकनीक का दुरुपयोग करके चुराया गया मैंडेट है.

अभिषेक बनर्जी ने भी आयोग को दी थी चुनौती

इससे पहले पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी चुनाव आयोग को खुली चुनौती दी थी कि यदि उनमें हिम्मत है, तो वे मतदान कक्षों के रात 8 से 12 बजे तक के सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) को सार्वजनिक करें, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा.

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Bengal TMC Crisis: क्या है ममता बनर्जी की रणनीति?

ममता बनर्जी का ईवीएम पर यह नया और धारदार हमला असल में पार्टी के भीतर मचे आंतरिक गृहयुद्ध से ध्यान भटकाने और अपने बचे हुए कार्यकर्ताओं को एकजुट रखने की सोची-समझी रणनीति है. टीएमसी के 80 में से 58 विधायक पहले ही ममता बनर्जी का साथ छोड़कर बागी नेता रीतब्रत बनर्जी के पाले में जा चुके हैं.

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चंद्रिमा भट्टाचार्य भी रीतब्रत के साथ हो लीं

शनिवार को चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देकर विधानसभा में बागी खेमे के साथ मीटिंग कर ली, जिससे ममता खेमे के पास अब विधानसभा में बहुत कम विधायकों का समर्थन बचा है.

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अंतिम सांस तक लड़ूंगी – ममता के सख्त तेवर

भले ही पार्टी के मुख्यालय पर बागी गुट का कब्जा हो गया हो और 440 करोड़ रुपए के बैंक खाते फ्रीज पड़े हों, लेकिन ममता बनर्जी झुकने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने साफ शब्दों में कहा- यह करो या मरो की लड़ाई है. भाजपा और उनके इशारे पर काम करने वाले गद्दार यह न समझें कि उन्होंने मुझे हरा दिया है. मैं इस ईवीएम हेरफेर और जनादेश की चोरी के खिलाफ अदालत से लेकर सड़क तक अंतिम सांस तक संघर्ष करूंगी.

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By Mithilesh Jha

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