तृणमूल शासन में घुसपैठ और भ्रष्टाचार से त्रस्त है बंगाल : शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्य भाजपा के लिए 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की भूमिका तय कर दी.

भाजपा कार्यकर्ताओं से बोले- दिल पर लिख लो, इस बार बंगाल में हमारी सरकार बनेगी

केंद्रीय गृह मंत्री ने साइंस सिटी ऑडिटोरियम में महानगर कार्यकर्ता सम्मेलन को किया संबोधित

संवाददाता, कोलकाताकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को राज्य भाजपा के लिए 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की भूमिका तय कर दी. उन्होंने ‘घुसपैठ और भ्रष्टाचार’ के मुद्दों को राज्य की सत्ता से तृणमूल कांग्रेस को ‘जड़ से उखाड़ फेंकने’ के लिए मुख्य चुनावी हथियार बताया. शाह ने अपने तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन यहां साइंस सिटी ऑडिटोरियम में भाजपा के कोलकाता महानगर कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया. सम्मेलन में चार लोकसभा क्षेत्रों – कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण, जादवपुर व दमदम के जमीनी स्तर के कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए. बंद कमरे में हुई बैठक को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार के तहत घुसपैठ और भ्रष्टाचार ने संस्थागत रूप ले लिया है और यह महानगर इन बुराइयों के प्रभाव से ज्यादा समय तक अछूता नहीं रह पायेगा. शाह ने बैठक में साफ किया कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठ लगातार बढ़ रही है. उन्होंने बताया कि त्रिपुरा और असम में सभी सीमाएं पूरी तरह सील हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल के 380 किलोमीटर हिस्से में यह रोक नहीं है. शाह ने कहा कि केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सुरक्षा खतरे में है. उन्होंने पार्टी नेताओं को निर्देश दिया कि इस मुद्दे को चुनावी रणनीति में प्रमुख रूप से इस्तेमाल किया जाये. उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो महानगर की जनता ही जोखिम में पड़ सकती है. सूत्रों के अनुसार, अमित शाह ने बैठक में दो प्रमुख मुद्दों को चुनावी हथियार बनाने पर जोर दिया. पहला मुद्दा तृणमूल कांग्रेस का कथित भ्रष्टाचार और दूसरा मुद्दा घुसपैठ का. उन्होंने कहा कि कोलकाता सुरक्षित नहीं है और इस स्थिति से निपटने के लिए तृणमूल सरकार को सत्ता से हटाना आवश्यक है. बैठक में शामिल एक कार्यकर्ता के अनुसार, शाह ने कहा: दिल पे लिख लो, इस बार हमारी सरकार बनेगी. भाजपा के मुख्य चुनावी रणनीतिकार माने जाने वाले शाह ने कार्यकर्ताओं से कहा कि घुसपैठ का खतरा साफ और मौजूद है और अगर इससे लड़ने के लिए लोग नहीं जागे तो शहरवासी जल्द ही इससे गंभीर रूप से प्रभावित होंगे. उन्होंने सत्ता में आने के समय तृणमूल के ‘मां-माटी-मानुष’ नारे का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने इन तीनों मूल्यों को अपने शासन में दूषित किया है. भाजपा कार्यकर्ता के मुताबिक शाह ने कहा कि बंगाल में अब मां-माटी-मानुष खतरे में है और इसे भाजपा ही बचा सकती है. उन्होंने मां-माटी-मानुष के संदर्भ को विस्तार में बताया कि बंगाल में मां-बहनें-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. राज्य में महिलाओं के प्रति उत्पीड़न की घटना लगातार बढ़ रही है. यहां के सरकारी संस्थान जैसे अस्पताल, कॉलेज भी सुरक्षित नहीं हैं. इसी प्रकार, यहां की माटी पर अब घुसपैठियों का कब्जा होता जा रहा है. घुसपैठियों के कारण बंगाल की जनसांख्यिकी तेजी से बिगड़ रही है. कई सीमावर्ती जिलों में डेमोग्राफी बदल गयी है.

चार लोकसभा क्षेत्रों के 28 में से 20 सीटों को जीतने का दिया लक्ष्य: बताया गया है कि चार लोकसभा क्षेत्रों में 28 विधानसभा सीटें हैं और बैठक के दौरान अमित शाह ने इन 28 सीटों में से 20 सीटों को जीतने का लक्ष्य दिया. उल्लेखनीय है कि यह बैठक अमित शाह के तीन दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान लगातार आयोजित बैठकों की शृंखला की अंतिम कड़ी थी. इस दौरान उन्होंने एजेंडा तय किये, नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपीं, राज्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ समन्वय किया और आगामी महीनों में चुनावी मैदान में उतरने के लिए मुद्दों को अंतिम रूप दिया.

कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल पर दिया जोर

अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे आपस में अधिक संपर्क में रहें और संगठन के भीतर समन्वय बनाये रखें. सांसदों और विधायकों को भी निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्रों में रणनीति के साथ काम करें और चुनावी मैदान में पूरी ताकत झोंक दें. बैठक में अमित शाह ने साफ कहा कि हर कार्यकर्ता को अपने बूथ और क्षेत्र में सक्रिय रहना होगा और चुनावी तैयारी को अंतिम स्तर तक मजबूत करना होगा.

बोले शाह- हर बूथ पर सक्रिय रहें भाजपा कार्यकर्ता

शाह की यह बैठक साफ संदेश देती है कि भाजपा बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले पूरी ताकत के साथ तैयारी कर रही है. पार्टी का लक्ष्य केवल सीटें जीतना ही नहीं, बल्कि कोलकाता महानगर और राज्य में अपनी स्थिति मजबूत करना है. अमित शाह ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता हर बूथ पर सक्रिय रहें और चुनावी तैयारियों में कोई कमी न आने दें. उन्होंने कहा कि यहां के मानुष यानी लाेगों के लिए रोजगार का अवसर नहींयहां के लोग रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं.

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Published by: Akhilesh kumar singh

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