कोलकाता से अमरशक्ति प्रसाद
महानगर सहित पूरे राज्य में होटल, रेस्टोरेंट समेत सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की अग्निशमन व्यवस्था अब राज्य प्रशासन की निगरानी में होगी. बुधवार को राज्य के दमकल मंत्री कौशिक चौधरी व शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल के नेतृत्व में हुई प्रशासनिक बैठक में फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल के पालन और सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा का फैसला लिया गया. बैठक के बाद शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि जिन होटल और रेस्तरां के पास फायर लाइसेंस नहीं है, उन्हें आवेदन करने के लिए 31 दिनों का समय दिया गया है. संबंधित प्रतिष्ठानों से निर्धारित समय के भीतर अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करने और लाइसेंस के लिए आवेदन करने की अपील की गयी है.
कमियां दूर करने के लिए तय समयसीमा मिलेगी
बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत में दमकल राज्यमंत्री कौशिक चौधरी ने कहा कि जिन होटल और रेस्टोरेंट में सुरक्षा नियमों का पालन नहीं होगा, उन्हें पहले नोटिस दिया जायेगा. कमियां दूर करने के लिए तय समयसीमा मिलेगी. इसके बावजूद नियमों का पालन नहीं करने पर प्रतिष्ठान को खाली कराने का निर्देश दिया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर उसे सील भी किया जा सकता है. जानकारी के अनुसार, बैठक में दमकल विभाग के अधिकारी और होटल-रेस्तरां एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे. इस दौरान रामपुरहाट और मिर्जा गालिब स्ट्रीट में हुई घटनाओं का भी उल्लेख किया गया.
सामान्य भवन में नहीं चलेंगे होटल
बताया गया है कि कोलकाता समेत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पुराने भवनों में संचालित होटल और रेस्टोरेंट में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और सुरक्षा ढांचे की जांच की जायेगी. बैठक में ऐसे मामलों पर भी चर्चा हुई, जहां सामान्य भवन के रूप में अनुमति लेने के बाद वहां होटल या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं. फ्री स्कूल स्ट्रीट के हालिया अग्निकांड के बाद इस तरह के नियम उल्लंघन को लेकर प्रशासन ने सख्ती का संकेत दिया है.
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फायर सेफ्टी के साथ बिजली व्यवस्था की भी जांच
होटलों में आग लगने की संभावित वजहों में शॉर्ट सर्किट का मुद्दा भी बैठक में उठा. इसलिए अब केवल अग्निशमन व्यवस्था ही नहीं, बल्कि बिजली के पूरे ढांचे की भी जांच होगी. खास तौर पर छोटे होटलों में स्वीकृत लोड से अधिक एसी चलाने की शिकायतों पर नजर रखी जायेगी. बिजली से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के लिए सीईएससी और डब्ल्यूबीएसईडीसीएल को सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिये गये हैं. आने वाले दिनों में प्रशासन होटल और रेस्टोरेंट की वास्तविक फायर सेफ्टी व्यवस्था, भवन का वैध इस्तेमाल, बिजली का ढांचा और स्वीकृत लोड समेत कई पहलुओं की जांच करेगा. यानी सिर्फ फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट होना पर्याप्त नहीं होगा, सुरक्षा मानकों का जमीन पर पालन भी जरूरी होगा.
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