उत्तर बंगाल में ममता बनर्जी को झटका, भाजपा में शामिल हुई टीएमसी की यह महिला नेता

Bengal Election: चुनाव से पहले तृणमूल पार्षदों को अपने पाले में लाकर भाजपा ने इस नगरपालिका में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. भाजपा सूत्रों के अनुसार, कुछ और तृणमूल पार्षद उनके संपर्क में हैं. पार्टी के शीर्ष नेताओं से हरी झंडी मिलते ही उन्हें भी पार्टी में शामिल कर लिया जाएगा.

Bengal Election: जलपाईगुड़ी: हल्दिबारी नगरपालिका की तृणमूल पार्षद पूर्वी रॉय प्रधान ने भाजपा का दामन थाम लिया है. विधानसभा चुनाव के लिए होने जा रहे मतदान से एक सप्ताह पहले इस तृणमृल नेता के भाजपा में शामिल होने से भाजपा की स्थिति इस इलाके में मजबूत होने की बात कही जा रही है. मेखलीगंज से परेश चंद्र अधिकारी एक बार फिर तृणमूल के उम्मीदवार बन गए हैं. शिक्षक भर्ती घोटाले में उनका नाम अप्रत्यक्ष रूप से सामने आया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने अपनी बेटी को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया था. हल्दिबारी नगरपालिका की तृणमूल पार्षद पूर्वी रॉय प्रधान इस बात से नाराज हैं. परेश को फिर से पार्टी का उम्मीदवार बनाये जाने पर वह सवाल पूछ रही है. पार्टी के इस फैसले से नाराज होकर उन्होंने तृणमूल छोड़ भाजपा ज्वाइन कर ली है.

पति पहले ही तृणमूल छोड़ भाजपा में हो चुके हैं शामिल

मेखलीगंज से तृणमूल के पूर्व विधायक और पूर्वी रॉय के पति अर्घ्य रॉय प्रधान ने हाल ही में पार्टी बदली है. कुछ दिन पहले वे भाजपा के प्रदेश कार्यालय गए और शुभेंदु अधिकारी की उपस्थिति में शामिक भट्टाचार्य से भगवा ध्वज ग्रहण किया था. अब पूर्वी रॉय भी अपने पति के नक्शेकदम पर चलते हुए तृणमूल छोड़ी. उन्होंने भाजपा के प्रदेश महासचिव बापी गोस्वामी से कमल का ध्वज ग्रहण किया. पूर्वी रॉय कूचबिहार जिले के मेखलीगंज उपजिले की हल्दिबारी नगरपालिका के वार्ड संख्या 7 की पार्षद हैं. वह राज्य के प्रमुख राजनेताओं में से एक और देश की नंबर एक लोकसभा सीट कूच बिहार से आठ बार सांसद रहे अमर रॉय प्रधान की बहू भी हैं.

तृणमूल कांग्रेस ने बताया पति-पत्नी को स्वार्थी

तृणमूल के नगर ब्लॉक अध्यक्ष और हल्दिबारी नगरपालिका के उपाध्यक्ष अमिताभ बिश्वास ने कहा कि हल्दिबारी नगरपालिका की तृणमूल पार्षद पूर्वी रॉय प्रधान के भाजपा में शामिल होने से तृणमूल को कोई नुकसान नहीं होगा. इसका चुनावों पर जरा भी असर नहीं पड़ेगा. पति-पत्नी दोनों स्वार्थी हैं. इनकी सोच है कि महिला विधेयक पारित होने पर यह लोकसभा सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हो जाएगी. तब ये चुनाव लड़ेंगी. आम जनता यह जानती है. उन्होंने कहा कि उन्हें पार्षद पद छोड़कर भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए था. हल्दिबारी नगरपालिका में तृणमूल कांग्रेस का शासन है और इसमें 11 सीटें हैं. अब तक इस नगरपालिका की सभी 11 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा था.

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पूर्वी रॉय ने लगाया तृणमूल उम्मीदवार पर गंभीर आरोप

हालांकि, पूर्वी रॉय के भाजपा में शामिल होने को विशेष महत्व देने में हिचकिचा रही हैं. उनका कहना है- मेखलीगंज विधानसभा सीट से तृणमूल के उम्मीदवार परेश अधिकारी हैं. इस व्यक्ति के शैक्षणिक भ्रष्टाचार के कारण राज्य के 26,000 बच्चे आज बेघर हैं. इसलिए मैं उनके लिए घर-घर जाकर वोट नहीं मांग सकती. यही कारण है कि मैंने पार्टी छोड़ दी है. भाजपा नेता और पूर्वी रॉय के पति अर्घ्य रॉय प्रधान ने कहा- वे बिल्कुल भी हिसाब नहीं रखते. इस बार जो महिला विधेयक पारित होगा, वह 2036 में लागू होगा. और उस समय, यदि जनसंख्या संरचना के अनुसार यह सीट अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित होती है, तो यह सीट अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए होगी, लेकिन मेरी पत्नी जन्म से उच्च जाति की हिंदू हैं. इसलिए उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिल पाएगा.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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