मुख्य बातें
Bengal Election: कोलकाता. भारतीय जनता पार्टी के नेता दिलीप घोष ने कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव इस बार बदलाव लानेवाला है. लोगों ने सरकार बदलने का मन बना लिया है. उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि इस बार उनकी हालत बहुत खराब है. लोगों की सहानुभूति पाने के लिए ममता बनर्जी इस बार भारतीय चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संस्थाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही हैं. इस बार भबानीपुर में नंदीग्राम का इतिहास दोहरायेगा. देश के संविधान, परंपरा और व्यवस्था के खिलाफ वो लड़ाई लड़ रही हैं. लोग उसको माफ नहीं करेंगे.
ममता चुनाव आयुक्त का करती रहीं हैं विरोध
दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी हमेशा चुनाव आयोग को निशाने पर लेती रही हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आने से पहले भी जो चुनाव आयुक्त आए थे, उनकी भी आलोचना की गई थी. जो लोग कड़े कदम उठाते हैं, ममता बनर्जी हमेशा उनके खिलाफ खड़ी हो जाती हैं. खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा- जो सही काम करेगा, सख्त कदम उठाएगा, उसके विरोध में ममता बनर्जी जाएंगी, यह उनकी परंपरा रही है. इस बार उनकी हालत कितनी खराब है, यह इसी से पता चल रहा है कि वह चुनाव आयोग, कोर्ट और केंद्रीय बलों के खिलाफ विरोध कर रही हैं. इस बार बदलाव के लिए चुनाव हो रहा है.
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पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रहे चुके हैं घोष
बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के बाद दिलीप घोष दूसरे बड़े चेहरे हैं. वैसे हाल के दिनों में पार्टी ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष को किनारे कर रखा था, लेकिन पार्टी के आदेश पर दिलीप घोष खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं. यह वही सीट है जिसे उन्होंने 2016 के विधानसभा चुनावों में जीता था. पश्चिम बंगाल चुनावों में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच भवानीपुर सीट के लिए एक और मुकाबला देखने को मिलेगा. यह वह निर्वाचन क्षेत्र है, जिसका प्रतिनिधित्व वर्तमान में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी करती हैं. यह उनका गृह क्षेत्र भी है. अधिकारी नंदीग्राम से भी चुनाव लड़ेंगे, जो उनका गृह क्षेत्र है. वहां उन्होंने 2021 में ममता बनर्जी को हराया था.
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