बागेश्वर बाबा का फोटो जलाने के मामले में आशुतोष चटर्जी को समन, आर-पार के मूड में बंगाल कांग्रेस

Bageshwar Baba Photo Burning: बागेश्वर बाबा की तस्वीर जलाने और जूतों से रौंदने के मामले में कोलकाता पुलिस ने बंगाल कांग्रेस महासचिव आशुतोष चटर्जी को समन भेजा. जानें भवानीपुर थाने के बाहर हुए इस बड़े विवाद की पूरी रिपोर्ट.

Bageshwar Baba Photo Burning: पश्चिम बंगाल में बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर बाबा) की दुर्गा पूजा और बंगाली खान-पान पर की गयी टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद पुलिसिया कार्रवाई और सियासी टकराव में बदल गया है. दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर थाने के बाहर कथित तौर पर बागेश्वर बाबा की तस्वीर को जूतों से रौंदने और जलाने के मामले में कोलकाता पुलिस ने अब प्रदेश कांग्रेस के महासचिव को पूछताछ के लिए थाने बुला लिया. इसके बाद बंगाल प्रदेश कांग्रेस भी आर-पार के मूड में है.

10 बजे नोटिस, 3 बजे पूछताछ

रविवार (13 सितंबर) को कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (WBPCC) के महासचिव आशुतोष चटर्जी को समन जारी कर भवानीपुर थाने में जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया. आशुतोष ने खुद सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि भवानीपुर पुलिस स्टेशन से उन्हें सुबह करीब 10 बजे एक नोटिस मिला. इसमें उन्हें दोपहर 3 बजे जांच अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने का हुक्म दिया गया था.

प्रदेश अध्यक्ष शुभंकर सरकार को दी गयी जानकारी

आशुतोष चटर्जी ने बताया कि इस पुलिसिया कार्रवाई के तुरंत बाद उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार को पूरी स्थिति से अवगत कराया है. 8 सितंबर को हुए प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने पहले ही दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस महासचिव अतनु दास को गिरफ्तार कर लिया है. इस एफआईआर में आशुतोष चटर्जी के साथ-साथ दक्षिण कोलकाता जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप प्रसाद को भी नामजद आरोपी बनाया गया है.

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‘बंगाल की परंपरा का अपमान करने वालों के आगे नहीं झुकेंगे’

पुलिस से समन मिलने के बाद कांग्रेस ने बैकफुट पर जाने की बजाय बागेश्वर बाबा और राज्य प्रशासन दोनों के खिलाफ तीखा हमला बोला है. आशुतोष चटर्जी ने कहा- बंगाल की परंपरा का अपमान करने वालों के आगे नहीं झुकेंगे.

कांग्रेस किसी भी ऐसे व्यक्ति के सामने सिर नहीं झुकायेगी, जिसने बंगालियों, हमारी संस्कृति या हमारी सदियों पुरानी खान-पान की परंपराओं का अपमान किया हो. असली सवाल यह है कि विवादित और भड़काऊ बयान देने वाले धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? -आशुतोष चटर्जी, महासचिव, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस

लिलुआ की ‘हनुमान कथा’ से सुलगी थी आग

विवाद की शुरुआत 5 सितंबर को हावड़ा के लिलुआ स्थित वर्कशॉप मैदान में आयोजित 3 दिवसीय ‘हनुमान कथा’ के दौरान हुई थी. बागेश्वर बाबा ने मंच से बंगाल के लोगों से दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान मांसाहारी भोजन त्यागने की अपील की थी. शास्त्री ने कहा था कि जो लोग धार्मिक और पवित्र अवसरों पर मांस का सेवन करते हैं, वे ‘ढोंगी’ हैं.

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बाबा के खिलाफ सड़क पर उतरी कांग्रेस

बंगाली संस्कृति में दुर्गा पूजा के दौरान मांसाहार के सामाजिक और धार्मिक महत्व को देखते हुए कांग्रेस ने इसे ‘बंगाल का अपमान’ करार दिया. 8 सितंबर को पार्टी ने भवानीपुर थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया, जहां बाबा की तस्वीर को पैरों तले रौंदा गया. उस पर जूते मारे गये. और अंत में फोटो को आग लगा दी गयी.

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By मिथिलेश झा

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