बंगाल में आज से लागू होगी ‘आयुष्मान भारत योजना’, 5 लाख का होगा मुफ्त इलाज

Ayushman Bharat Yojana: पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना लागू करने वाला देश का 36वां राज्य बनेगा. सोमवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और सीएम शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे.

Ayushman Bharat Yojana: पश्चिम बंगाल के करोड़ों नागरिकों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आयी है. सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को गति देते हुए पश्चिम बंगाल सरकार आखिरकार सोमवार को केंद्र सरकार की ‘आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ (AB-PMJAY) से जुड़ने जा रही है. राज्य में हुए हालिया सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी सरकार के उस सबसे बड़े गतिरोध को हमेशा के लिए खत्म कर दिया है, जिसके तहत राजनीतिक मतभेदों के कारण बंगाल की जनता को इस मुफ्त इलाज योजना से वंचित रखा गया था.

36वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बनेगा पश्चिम बंगाल

इस एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर के लिए देश की राजधानी दिल्ली में विशेष तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच विज्ञान भवन में सोमवार को आधिकारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये जायेंगे.

जेपी नड्डा और शुभेंदु अधिकारी रहेंगे मौजूद

इस समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा करेंगे. इस गौरवशाली पल के साक्षी बनने के लिए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी खुद विशेष रूप से समारोह में मौजूद रहेंगे. एमओयू पर मुहर लगते ही पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत योजना को अपने राज्य में पूरी तरह लागू करने वाला देश का 36वां राज्य/केंद्र शासित प्रदेश बन जायेगा. यानी अब यह योजना पूरे भारत में शत-प्रतिशत लागू हो जायेगी.

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सालाना 5 लाख का सुरक्षा कवच

‘आयुष्मान भारत’ पूरी तरह से केंद्र प्रायोजित और राज्यों के समन्वय से चलने वाली दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है.

  • लाभार्थी परिवारों को गंभीर बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने पर प्रति परिवार हर वर्ष 5 लाख रुपए तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है.
  • वित्तीय खर्च केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के बीच उनकी भौगोलिक और प्रशासनिक श्रेणियों के आधार पर तय होता है. पश्चिम बंगाल जैसे सामान्य राज्यों में इस खर्च का वहन केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 60:40 के अनुपात में करती हैं.
  • पूर्वोत्तर और हिमालयी राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 होता है.

Ayushman Bharat Yojana: ममता सरकार की ‘स्वास्थ्य साथी’ बनाम ‘आयुष्मान भारत’

ममता बनर्जी सरकार ने केंद्र की ‘आयुष्मान भारत योजना’ को बंगाल में यह कहते हुए रोक दिया था कि उनकी ‘स्वास्थ्य साथी’ योजना इसके लिए पर्याप्त है. हालांकि, स्वास्थ्य साथी योजना में केवल पश्चिम बंगाल के भीतर ही इलाज की सुविधा मिलती थी. इसके क्रियान्वयन को लेकर अक्सर अस्पतालों के साथ विवाद की खबरें आती रहती थीं.

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By Mithilesh Jha

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