कोलकाता.
कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज कुमार वर्मा ने शनिवार को वरिष्ठ नागरिकों से डिजिटल ठगी के बढ़ते मामलों को लेकर अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की. वरिष्ठ नागरिकों की सहायता के लिए कोलकाता पुलिस द्वारा संचालित ‘प्रणाम’ कार्यक्रम के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि बुजुर्ग साइबर ठगों के सबसे आसान निशाने बनते जा रहे हैं, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. पुलिस आयुक्त ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी कोई अवधारणा अस्तित्व में नहीं है. उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी इसी तरह के झूठे दावे और डराने वाली बातें कहकर लोगों को भ्रमित करते हैं और उनकी मेहनत की कमाई ठग लेते हैं. उन्होंने बुजुर्गों से अपील की कि वे किसी भी अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक या मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें और न ही अपनी व्यक्तिगत या बैंक संबंधी जानकारी साझा करें. कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों को साइबर सुरक्षा के बुनियादी उपायों की जानकारी भी दी गयी. पुलिस आयुक्त ने कहा कि किसी भी संदेहजनक कॉल या ऑनलाइन गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके. कोलकाता पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही डिजिटल ठगी से बचाव का सबसे प्रभावी हथियार है और इस दिशा में ऐसे जागरूकता व संवादात्मक कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
