कोलकाता शिव कुमार राउत की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल विधानसभा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विधायकों को अब हर वर्ष सम्मानित किया जायेगा. विधान सभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने गुरुवार को सदन की कार्यवाही के दौरान इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को सदन की कार्यवाही में अधिक सक्रिय बनाना और संसदीय परंपराओं को मजबूत करना है.
इन मानकों पर होगा चयन
अध्यक्ष ने कहा कि जो विधायक विधानसभा की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी करेंगे, नियमों का पालन करते हुए अपने क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठायेंगे, प्रश्न पूछेंगे और सदन में उनकी उपस्थिति बेहतर होगी, उन्हें ‘सर्वश्रेष्ठ विधायक’ के रूप में सम्मानित किया जायेगा. इस पहल के तहत हर वर्ष एक विधायक का चयन किया जायेगा. इससे विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को अधिक प्रभावी ढंग से सदन में उठा सकेंगे.
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सांसदों के लिए है पहले से पुरस्कार
भारतीय संसदीय व्यवस्था में भी उत्कृष्ट संसदीय प्रदर्शन को सम्मानित करने की परंपरा रही है. भारतीय संसदीय समूह (आईपीजी) की ओर से वर्ष 1995 से ‘आउटस्टैंडिंग पार्लियामेंटेरियन अवॉर्ड’ दिया जाता है, जिसमें संसद में बहस, प्रश्न, संसदीय आचरण और समग्र योगदान के आधार पर सांसदों का चयन किया जाता है. सांसदों को विभिन्न संस्थाओं द्वारा ‘सांसद रत्न’ जैसे सम्मान भी दिये जाते हैं.
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