कोलकाता.
डानकुनी में ट्रक चालक से कथित मारपीट के एक वीडियो (जिसकी सत्यता की पुष्टि प्रभात खबर ने नहीं की है) को लेकर नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार और पुलिस पर निशाना साधा. वीडियो साझा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि नाका जांच के नाम पर वाहनों से अवैध वसूली की जा रही है और विरोध करने पर चालकों के साथ दुर्व्यवहार होता है. अधिकारी ने कहा कि यह स्थिति संस्थागत भ्रष्टाचार का संकेत है. उनके मुताबिक यदि कोई चालक पैसा देने से इनकार करता है तो उसके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किये जाते हैं या मारपीट की जाती है. उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि हालात बदलने के लिए सत्ता परिवर्तन आवश्यक है. बताया जा रहा है कि घटना 19 फरवरी की है और आरोपी सिविक वाॅलंटियर को निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गयी है. सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने शुभेंदु अधिकारी के आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी बताया. तृणमूल नेताओं का कहना है कि घटना की निंदा की गयी है और पुलिस ने तुरंत कदम उठाया है.प्रतीक पर शुभेंदु का तंज, कहा- बिल्ली को बनाया जा रहा बाघतृणमूल कांग्रेस में शामिल होते ही पूर्व वाम नेता प्रतीक उर रहमान विपक्ष के निशाने पर आ गये हैं. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को जानबूझकर बड़ा नेता बनाकर पेश किया जा रहा है. बिल्ली को जैसे बाघ बनाया जा रहा है. शुभेंदु अधिकारी ने रहमान के राजनीतिक आधार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका जनाधार कितना है, यह सब जानते हैं. उन्होंने कहा कि रहमान की तुलना मोहम्मद सलीम से नहीं की जा सकती. सलीम लंबे समय से वाम राजनीति का बड़ा चेहरा रहे हैं, जबकि रहमान का जनाधार सीमित है. नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि तृणमूल विपक्षी खेमे में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने रहमान के दल बदल को अवसरवाद की राजनीति करार देते हुए कहा कि जो नेता विचारधारा की बात करते हैं, वही सत्ता के लिए पाला बदल रहे हैं.
