कोलकाता.
ट्रैफिक नियम तोड़ने पर जुर्माना भरने का झांसा देकर साइबर ठगी के मामले बढ़ रहे हैं. ठग व्हाट्सऐप पर संदेश भेजकर कहते हैं कि 1,000 रुपये जुर्माना जमा करें और साथ ही लिंक या एपीके फाइल साझा करते हैं. जैसे ही लोग इस लिंक पर क्लिक करते हैं या ऐप डाउनलोड करते हैं, कुछ ही मिनटों में उनका बैंक अकाउंट खाली हो जाता है. पिछले साल दिसंबर में पर्णश्री थाना इलाके के हेमंत मुखोपाध्याय रोड निवासी कुणाल माइति इस जाल में फंस गये. उन्हें व्हाट्सऐप पर ट्रैफिक चालान का मैसेज आया, जिसमें लिंक पर क्लिक करने या ऐप डाउनलोड करने का निर्देश था. कुछ ही देर में लगातार ओटीपी आने लगे और देखते ही देखते उनके बैंक खाते से करीब पांच लाख रुपये निकल गये. बाद में उन्होंने पर्णश्री थाने में शिकायत दर्ज करायी.साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन नंबर से किसी का मोबाइल नंबर निकालना आज के समय में मुश्किल नहीं है और ठग इसी कमजोरी का फायदा उठा रहे हैं. व्हाट्सऐप पर भेजे जाने वाले लिंक या एपीके ऐप असल में रिमोट डेस्कटॉप या रिमोट एक्सेस ऐप होते हैं. ऐप इंस्टॉल होते ही मोबाइल का पूरा नियंत्रण ठगों के हाथ में चला जाता है. वे फोन पर होने वाली हर गतिविधि देख सकते हैं और पीड़ित को निर्देश देकर जाल में फंसा सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि कई फर्जी ई-चालान वेबसाइट भी बनायी गयी हैं. पुलिस ने कुछ को बंद किया है, लेकिन कई अब भी सक्रिय हो सकते हैं. सतर्कता और जानकारी ही इस तरह की साइबर ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय है.
सलाहई-चालान कभी भी व्हाट्सऐप पर नहीं भेजे जाते. किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें. अनजान एपीके फाइल इंस्टॉल न करें. ऐसे नंबर तुरंत ब्लॉक करें. बैंकिंग और वित्तीय मैसेज में भी सतर्क रहें.
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