वोटर लिस्ट में ‘भूत’ का पता लगाने की तृणमूल की कवायद तेज

शनिवार को तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने कैमक स्ट्रीट स्थित अपने कार्यालय से पार्टी के सभी स्तरों के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की है. उनके साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी भी मौजूद थे. बैठक में यह तय हुआ है कि पार्टी की ओर से मतदाता सूची पर्यवेक्षक नियुक्त किया जायेगा.

कोलकाता.

अगले वर्ष राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले मुख्यमंत्री व तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी भाजपा पर निर्वाचन आयोग के कथित समर्थन से मतदाता सूची में बाहरी मतदाताओं को शामिल करने का आरोप लगा चुकी हैं. इस बाबत मतदाता सूची में कथित ‘भूत’ का पता लगाने का निर्देश देते हुए सीएम ने तृणमूल के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी के नेतृत्व में राज्य स्तर पर पार्टी की 36 सदस्यीय एक विशेष कमेटी भी गठित की है. उक्त कमेटी में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत अन्य वरिष्ठ नेता भी शामिल हैं. शनिवार को तृणमूल नेता अभिषेक बनर्जी ने कैमक स्ट्रीट स्थित अपने कार्यालय से पार्टी के सभी स्तरों के नेताओं के साथ वर्चुअल बैठक कर महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की है. उनके साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बक्शी भी मौजूद थे. बैठक में यह तय हुआ है कि पार्टी की ओर से मतदाता सूची पर्यवेक्षक नियुक्त किया जायेगा. मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का पता लगाने के लिए जिला स्तर, ब्लॉक स्तर, पंचायत स्तर, वार्ड स्तर और बूथ स्तर पर समितियां गठित की जाएंगी, घर-घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन जारी रहेगा. पंचायत स्तर पर इस समिति को पंचायत निर्वाचन सूची पर्यवेक्षक कहा जायेगा, जबकि टाउन कमेटी का नाम नगर निर्वाचन सूची पर्यवेक्षक (टाउन इलेक्ट्रोल रोल सुपरवाइजर) रखा गया है.बैठक की शुरुआत में अभिषेक ने मतदाता सूची पर्यवेक्षक के पद के सृजन की घोषणा की. उन्होंने वोटर लिस्ट को लेकर सभी को आगाह करते हुए आरोप लगाया कि “बंगाल में भाजपा की योजना 25 लाख वोटरों को हटाने और 25 लाख नये वोटरों को जोड़ने की है.

इसके अलावा बैठक में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का पता लगाने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले में कमेटी का गठन करने पर भी चर्चा हुई. तय हुआ कि पांच दिनों के अंतराल में जिला कमेटियों का गठन होगा. यह कार्य 20 मार्च तक पूरा कर लेना होगा. ब्लॉक समितियों का गठन 21 से 27 मार्च के अंतराल में होगा. दूसरी ओर, 14 अप्रैल तक अन्य समितियों का गठन किया जायेगा. पोइला बैशाख को छोड़कर 16 अप्रैल से मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी का पता लगाने का कार्य जारी रहेगा.

श्री बनर्जी ने राज्यभर के लगभग सभी स्तरों के करीब साढ़े चार हजार तृणमूल नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ”आइपैक” के नाम पर पद दिलवाने के नाम पर व खुद सांसद बनर्जी के कार्यालय का हवाला देकर रुपये मांगने वालों से सतर्क रहें. ऐसा होने पर वे तुरंत सूचित करें. इस बाबत उन्होंने पार्टी के नेताओं के लिए व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया.

पार्टी के कार्यों में सक्रिय नहीं रहने वाले नेताओं को पद से हटाया जायेगा : अभिषेक

अभिषेक ने कहा कि वह अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने तक राज्यभर में अपना कार्य जारी रखेंगे. वर्चुअल बैठक में बनर्जी ने मतदाता सूची में धांधली के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग पर दबाव बनाये रखने का निर्देश दिया और इसके लिए पार्टी में समन्वय से काम करने की बात कही. उन्होंने अगले वर्ष विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी की संगठनात्मक ताकत और बढ़ाने का निर्देश दिया है. साथ ही यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के कार्यों में सक्रिय नहीं रहने वाले नेताओं को पद से हटाया जायेगा.

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By Bijay kumar

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