नंदीग्राम फतह के लिए तृणमूल की खास स्ट्रैटजी, अभिषेक बनर्जी डालेंगे डेरा, करेंगे तीन जनसभाएं

Abhishek Banerjee: नंदीग्राम को वापस जीतने के लिए तृणमूल कांग्रेस ने खास स्ट्रैटजी बनायी है. पार्टी के नंबर दो नेता अभिषेक बनर्जी नंदीग्राम में इस बार डेरा डालेंगे. वो इसी जिले से अपना चुनाव प्रचार शुरू करने जा रहे हैं. इस महीने वो पूर्वी मेदिनीपुर में तीन चुनावी कार्यक्रमों में भाग लेंगे.

Abhishek Banerjee: नंदीग्राम : तृणमूल कांग्रेस इस चुनाव में नंदीग्राम सीट वापस पाने के लिए खास रणनीति पर काम कर रही है. तृणमूल ने विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी को चौंकाते हुए उनके करीबी सहयोगी पवित्र कर को उम्मीदवार बनाया है. अब नंदीग्राम सीट पर कब्जा करने के लिए पार्टी के नंबर दो नेता अभिषेक बनर्जी खुद वहां डेरा डालने जा रहे हैं. उन्होंने न केवल अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत यहां से करने का फैसला किया है, बल्कि वो यहां तीन जनसभाएं भी करेंगे. इसके साथ ही अभिषेक बनर्जी यहां पार्टी संगठन को और मजबूत करने के लिए कार्यकर्ताओं के साथ निरंतर बैठक करेंगे.

जिले में होंगी तीन सभाएं

पार्टी सूत्रों के अनुसार अभिषेक बनर्जी इसी माह पूर्वी मेदिनीपुर में तीन चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. वे 25 मार्च को नंदीग्राम में एक कार्यकर्ता सभा के साथ अपने चुनाव प्रचार की शुरुआत करेंगे. अभिषेक वहां पार्टी उम्मीदवार के समर्थन में कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे. इसके बाद, वे 27 मार्च को पूर्वी पंचकुरा केंद्र में एक जनसभा करेंगे. इस सभा का मुख्य उद्देश्य आम जनता तक पार्टी का संदेश पहुंचाना है. और 30 मार्च को वे कांथी संगठनात्मक जिले में एक बंद कमरे में सभा करेंगे. राजनीतिक हलकों में इस सभा को चुनाव रणनीति तय करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अभिषेक बनर्जी के इस दौरे को लेकर जिले के तृणमूल कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है.

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शुभेंदु अधिकारी के लिए मुश्किल राह

पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने 2021 में खुद नंदीग्राम में शुभेंदु के खिलाफ चुनाव लड़ा था. हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इस बार शुभेंदु भवानीपुर से ममता को हराने के लिए फिर से उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. नंदीग्राम में इस बार मुकाबला कड़ा है. शुभेंदु अधिकारी के लिए वोट का जुगाड़ करनेवाला ही इस बार तृणमूल का उम्मीदवार हैं. कुछ राजनीतिज्ञों का कहना है कि स्थानीय नेता पवित्र कर को तृणमूल का उम्मीदवार बनाना, एक रणनीतिक कदम है. पवित्र कर यह अच्छी तरह जानते हैं कि राजनीतिक माहौल किस तरफ पलट सकता है. अब, वे खुद उम्मीदवार तौर पर जीतने के लिए मैदान में उतरे हैं.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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