कोलकाता/ नयी दिल्ली.
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को मतदाताओं, अधिकारियों और राजनीतिक दलों के लिए एक नया डिजिटल एप जारी करते हुए कहा कि यह भ्रामक सूचना का मुकाबला करने का एक हथियार है. उन्होंने नयी दिल्ली में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों को उनकी भाषाओं में और उनके कानूनों के अनुसार इसी तरह का उपकरण विकसित करने में सहायता की पेशकश की. उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान विभिन्न चुनाव प्रबंधन निकायों के प्रमुखों ने भ्रामक सूचना के विषय पर चिंता व्यक्त की थी. उन्होंने ‘इसीआइनेट’ को गलत सूचनाओं के प्रसार की चुनौती से निबटने के लिए एक औजार करार दिया, क्योंकि इस एप पर चुनाव संबंधी सभी तथ्य उपलब्ध हैं. ‘इसीआइनेट’ अपने 40 से अधिक मौजूदा मोबाइल और वेब एप्लिकेशन को एकीकृत करेगा व सभी चुनाव-संबंधी गतिविधियों के लिए एक एकल मंच प्रदान करेगा.यह नया प्लेटफार्म उपयोगकर्ताओं पर कई एप डाउनलोड करने, ‘नेविगेट करने’ और विभिन्न लॉगिन याद रखने के बोझ को कम करेगा. इसके अतिरिक्त इसीआइनेट उपयोगकर्ताओं को अपने डेस्कटॉप या स्मार्टफोन पर प्रासंगिक चुनावी डेटा तक पहुंचने में भी सक्षम बनायेगा. यह सुनिश्चित करने के लिए कि डेटा यथासंभव सटीक है, इसीआइनेट पर डेटा केवल आयोग के अधिकृत अधिकारी द्वारा दर्ज किया जायेगा. संबंधित अधिकारी द्वारा की गयी प्रविष्टि यह सुनिश्चित करेगी कि हितधारकों को उपलब्ध कराया गया डेटा यथासंभव सटीक है. हालांकि, किसी भी टकराव की स्थिति में वैधानिक प्रपत्रों में विधिवत भरा हुआ प्राथमिक डेटा मान्य होगा. इसीआइनेट, वोटर हेल्पलाइन एप, वोटर टर्न आउट एप, ‘सीविजिल’, सुविधा, सक्षम और केवाइसी एप जैसे मौजूदा एप को समाहित कर देगा, जिसके कुल मिलाकर 5.5 करोड़ से अधिक डाउनलोड हो चुके हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
