भारत-बांग्लादेश सीमा पर मिला नये दो हजार रुपये का नकली नोट
मालदा: मात्र दो महीने के अंदर ही मालदा के वैष्णवनगर थाना अंतर्गत भारत-बांग्लादेश सीमा से दो हजार रुपये का एक नया नकली नोट बरामद हुआ है. इससे जाहिर है कि नकली नोट के तस्कर दो हजार रुपये के नये नोट के जाली नोट बनाने में भी सफल हो गये और उसे धीरे-धीरे राज्य में खपाने […]
मालदा: मात्र दो महीने के अंदर ही मालदा के वैष्णवनगर थाना अंतर्गत भारत-बांग्लादेश सीमा से दो हजार रुपये का एक नया नकली नोट बरामद हुआ है. इससे जाहिर है कि नकली नोट के तस्कर दो हजार रुपये के नये नोट के जाली नोट बनाने में भी सफल हो गये और उसे धीरे-धीरे राज्य में खपाने की तैयारी चल रही है. इस घटना के बाद से जिला प्रशासन तथा पुलिस की नींद उड़ गयी है. पुलिस ने इस सिलसिले में एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया है. मंगलवार को उसे अदालत में पेश कर 10 दिनों की रिमांड मांगी गयी है.
नये दो हजार रुपये के नकली नोट बरामद होने की यह घटना मालदा शहर से 45 किलोमीटर दूर भारत-बांग्लादेश सीमा पर बखराबाद ग्राम पंचायत के अधीन हटातपाड़ा गांव में घटी है. गिरफ्तार नाबालिग के खिलाफ पुलिस ने धारा 489 तथा 120 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गये नाबालिग की उम्र 15 साल है. वह अपने ही गांव में एक किराने की दुकान में चावल खरीदने गया था. उसने दुकानदार को दो हजार रुपये के नये नोट दिये. दुकानदार को नोट पर संदेह हुआ. उसने फोन से पुलिस को खबर दे दी. खबर मिलते ही वैष्णवनगर थाना के पुलिस मौके पर पहुंची और नाबालिग को अपने हिरासत में लेकर पूछताछ करने लगी. पुलिस ने दो हजार रुपये के नकली नोट को भी जब्त कर लिया है. स्थानीय लोगों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी नाबालिग का पिता पेशे से मजदूर है. वह परिवार में छह भाई है. आरोपी अपने भाइयों में सबसे छोटा है. वह भी मजदूरी का काम करता है.
10 दिन पहले भी उसने इस नकली नोट को चलाने की कोशिश की थी. उस समय भी नकली नोट पर संदेह हुआ था. दुकानदार ने सख्ती की थी और दो हजार रुपये के नकली नोट को जला दिया था. उसके बाद फिर से उसे दो हजार रुपये के नये नकली नोट के साथ पकड़ा गया. वह उसी दुकानदार के पास चावल खरीदने गये था जिसने पहली दफा नकली नोट को जला दिया था. इस बार राशन दुकानदार ने किसी तरह का जोखिम उठाना उचित नहीं समझा और सीधे पुलिस को इसकी जानकारी दे दी. पुलिस ने बताया है कि नाबालिग के घर से दो किलोमीटर की दूरी पर सबदलपुर भारत-बांग्लादेश सीमा है. नाबालिग के गांव हटातपाड़ा में करीब 100 परिवार रहते हैं. सभी पेशे से मजदूर हैं.
स्थानीय लोगों ने बताया है कि आरोपी के पिता बात्सु शेख तथा दूसरे भाई बाहर मजदूरी का काम करते हैं. पहले इस परिवार के लोग काफी गरीब थे. लेकिन अचानक इन लोगों ने दो-तल्ला घर बना लिया है.
घर में मोटरसाइकिल आदि भी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक इन लोगों के अमीर हो जाने से पहले से ही शक था. यह लोग कोई न कोई गलत काम जरूर कर रहे हैं. पुलिस का भी मानना है कि किसी अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोह के साथ इस मामले से जुड़े हुए हैं.
बाखराबाद ग्राम पंचायत के कांग्रेस प्रधान धनंजय मंडल ने बताया है कि एक नाबालिग के पास से दो हजार रुपये के नकली नोट मिलने की खबर है. इस घटना को सुनकर वह स्वयं ही आश्चर्यचकित हैं. ऐसी घटनाओं के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है. पुलिस को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने आगे कहा कि इस परिवार के अचानक अमीर होने की बात उन्होंने पहले भी सुनी थी. लेकिन यह लोग नकली नोट के कारोबार से जुड़कर पैसे बना रहे हैं, इसकी उम्मीद नहीं थी. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दीपक सरकार ने कहा है कि दो हजार रुपये के नकली नोट के साथ एक 15 वर्षीय किशोर को गिरफ्तार किया गया है. उस नकली नोट की गुणवत्ता उतनी अच्छी नहीं है. इसीलिए इसकी पहचान हो सकी. गिरफ्तार किशोर ने बताया है कि उसके भाई ने उसे ये पैसे दिये थे. घटना के बाद से ही आरोपी का पूरा परिवार इलाके से फरार है. वैष्णवनगर थाना पुलिस इन लोगों की तलाश कर रही है.