उन्होंने कहा कि लक्ष्मण सेठ ही नहीं माकपा और तृणमूल नेताओं का भी भाजपा में स्वागत है. राज्य में तृणमूल के खिलाफ यदि कोई पार्टी खड़ी हो सकती है तो वह है भाजपा. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में ममता बनर्जी भाजपा के साथ थीं. राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है. बंगाल की कई पार्टियों के नेता भाजपा से जुड़ना चाहते हैं.
सूत्रों के अनुसार, तमलुक के पूर्व सांसद लक्ष्मण सेठ ने भाजपा में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है. वह भाजपा के टिकट पर लोकसभा उपचुनाव में खड़ा होना चाहते हैं. इसे मद्देनजर उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष के साथ बैठक भी की है. वहीं, लक्ष्मण सेठ के भाजपा में शामिल होने पर पार्टी नेताओं में अलग-अलग राय है. कुछ नेता इसके पक्ष में हैं, जबकि कुछ का कहना है कि ऐसा करने से बंगाल में भाजपा को नुकसान पहुंचेगा.
