खुलासा: मोनिका बन आसनसोल से शराब की तस्करी करता था ग्रेजुएट गोल्डी, महिला बन कर शराब तस्करी

आसनसोल. आसनसोल स्टेशन परिसर में यदि आपको कोई सुंदर व स्मार्ट महिला दिखे तो उसे सच में महिला न समझो. उसे किन्नर भी न समझो. बिहार में लागू शराबबंदी के बाद बिहार के कई युवक सुंदर महिला बन कर आसनसोल स्टेशन से शराब की तस्करी कर रहे हैं. ऐसे ही एक युवक अविनाश कुमार उर्फ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 25, 2016 3:02 AM
आसनसोल. आसनसोल स्टेशन परिसर में यदि आपको कोई सुंदर व स्मार्ट महिला दिखे तो उसे सच में महिला न समझो. उसे किन्नर भी न समझो. बिहार में लागू शराबबंदी के बाद बिहार के कई युवक सुंदर महिला बन कर आसनसोल स्टेशन से शराब की तस्करी कर रहे हैं. ऐसे ही एक युवक अविनाश कुमार उर्फ गोल्डी उर्फ मोनिका को सुल्तानगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है. उसने स्वीकार किया है कि वह आसनसोल से शराब की तस्करी लंबे समय से करता रहा है.

सुंदर महिला होने के कारण उस पर कोई संदेह भी नहीं करता था. गिरफ्तार अविनाश महेंद्रु (पटना) के रानीघाट लेन में किराये का मकान लेकर रहता था. आसनसोल में वह अक्सरहां होटल या लॉज में ठहरता है. इसके पास से पुलिस ने शराब की दस बोतल, फर्जी शैक्षणिक दस्तावेज मसलन मार्क्‍सशीट, सर्टिफिकेट, कंप्यूटर, फर्जी वोटर आइकार्ड, मुहर आदि बरामद किया है. यह कंप्यूटर की मदद से शैक्षणिक दस्तावेज के साथ ही वोटर आइकार्ड बनाने में भी दक्ष है. जिसका इस्तेमाल लोग फर्जी तरीके से सीम कार्ड लेने में करते थे. वह ग्रेजुएट है और परिवार से अलग रहता है.

इसने महिलाओं के वेश में मोनिका नाम से फर्जी फेसबुक आइडी भी बना रखा था. और उसमें कई लड़कियों व लड़कों को फ्रेंड बना रखा था. बताया जाता है कि यह लड़कों को फंसा कर पैसे भी वसूलता था. उसने स्वीकार किया कि वह अक्सरहां महिला का वेश धारण कर आसनसोल निकल जाता था. वहां से शराब की बोतल लेकर वापस पटना आता था. पुलिस इसे महिला या किन्नर समझ कर शक नहीं करती थी. जिसके कारण यह शराब पटना लाने के बाद बिक्री कर देता था और खुद भी पीता था.

प्रोफेसर, डॉक्टर, कुलपति, परीक्षा नियंत्रक की मुहर बरामद
पुलिस को जो जानकारी मिली है. उसके अनुसार यह किसी भी विश्वविद्यालय का सर्टिफिकेट व मार्क्‍सशीट आदि तैयार कर देता था. इसके पास से पटना कॉलेजिएट स्कूल के प्राचार्य, पीएमसीएच के आई विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. उमेश प्रसाद सिन्हा, मगध व पटना विश्वविद्यालय के अधिकारियों की मुहर बरामद की गयी है. यह मुहर आमतौर पर मार्क्‍सशीट व सर्टिफिकेट में ही प्रयुक्त किये जाते है. एसएसपी मनु महाराज ने बताया कि यह अब तक कई लोगों को फर्जी सर्टिफिकेट बना कर दे चुका है. पूछताछ की जा रही है.