आमिर को समर्थन : ममता

कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार उसके खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों को सीबीआइ का डर दिखा कर भयभीत करने का प्रयाय कर रही है. भाजपा सरकार का नाम लिए बगैर उन्होंने आशंका जतायी कि दिल्ली में बैठी शक्ति असहिष्णुता एवं सांप्रदायिक सौहार्द्र को उत्पन्न खतरे के खिलाफ उनकी टिप्पणी […]

By Prabhat Khabar Print Desk | November 27, 2015 9:33 AM
कोलकाता: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार उसके खिलाफ आवाज बुलंद करने वालों को सीबीआइ का डर दिखा कर भयभीत करने का प्रयाय कर रही है. भाजपा सरकार का नाम लिए बगैर उन्होंने आशंका जतायी कि दिल्ली में बैठी शक्ति असहिष्णुता एवं सांप्रदायिक सौहार्द्र को उत्पन्न खतरे के खिलाफ उनकी टिप्पणी के लिए सीबीआइ को पीछे लगा सकती है. शहीद मीनार मैदान में गुरुवार को जमीयत-ए-उलेमा-ए-हिंद की सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इलजाम लगाया कि देश में एक अलग सा वातावरण तैयार कर दिया गया है. कोई भी अगर सरकार के खिलाफ कुछ बोलता है तो उसके पीछे सीबीआइ को लगा दिया जाता है.

यदि आप उनके खिलाफ कुछ भी कहेंगे, वे सीबीआइ को आपके खिलाफ लगा देंगे, लेकिन आप मेरे पीछे सीबीआइ लगाकर मेरा मुंह बंद नहीं कर सकते हैं. याद रखें कि मैं सीबीआइ से डरने वाली नहीं हूं. मैं सबको सुरक्षा दूंगी. पश्चिम बंगाल में किसी की उपेक्षा नहीं की जायेगी. आज आप सत्ता में हैं, तो यह साहस कर रहे हैं.

पर याद रखें कि साहस दुस्साहस न बन जाये, तब आपको इसका खमियाजा भुगतना पड़ेगा. मुख्यमंत्री ने असहिष्णुता को लेकर उठे िववाद के बीच अभिनेता आमिर खान का जोरदार बचाव किया. ममता ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार उनके राज्यसभा सांसद व फिल्मस्टार मिथुन चक्रवर्ती को इस तरह से धमकाया कि वह मुझसे बात भी नहीं कर सकते. वह हमारी पार्टी के सांसद हैं. उन्होंने केंद्र को चुनौती दी कि वह उन्हें जेल में डालकर दिखाये. यदि वे चाहते हैं. क्योंकि वह सांप्रदायिकता के खिलाफ बोल रही हैं.

असहिष्णुता के मुद्दे पर फिल्मस्टार आमिर खान के बयान का बचाव करते हुए ममता ने कहा कि वह (आमिर) जो महसूस करते हैं उसे कहना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है. किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वह किसी को यह देश छोड़ने के लिए कहे क्योंकि यह देश सभी का है. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी किसी से यह देश छोड़ने या पाकिस्तान जाने के लिए कहने का अधिकार नहीं है. हम सभी इस भारत देश के नागरिक हैं. हिंदुत्व संगठनों को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि किसी को भी केवल गोमांस खाने के लिए किसी की हत्या करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि क्या कोई भी इस देश में उनके खिलाफ कुछ भी नहीं कह सकता है. क्या वे इसका निर्णय करेंगे कि हम क्या कहेंगे या नहीं. आमिर ने वह कहा है जो वह महसूस करते हैं और जो उनकी पत्नी ने उनसे कहा, उन्होंने केवल वही कहा.उन्हें यह देश छोड़ने के लिए कहा जा रहा है. आप किसी को भी यह देश छोड़ने के लिए कहने वाले कौन होते हैं. यह देश सभी का है. यह हमारी मातृभूमि है.

असहिष्णुता के मुद्दे पर शाहरुख खान के बयान की आलोचना करने वालों की भी ममता बनर्जी ने खुल कर निंदा की. तृणमूल सुप्रीमो ने कहा कि उन्होंने आमिर की आलोचना की. उन्होंने शाहरुख की भी आलोचना की थी. उन्होंने एआर रहमान की भी आलोचना की. वे यह कहने वाले कौन होते हैं कि हम क्या कहेंगे और हम क्या खायेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि आप यह निर्णय करने वाले कौन होते हैं कि हम क्या खायेंगे या क्या नहीं. किसी को भी किसी की इसलिए हत्या करने का अधिकार नहीं कि उसने गोमांस खाया. आप मेरे साथ क्या करेंगे क्योंकि मैंने मुर्गा खाया है. यदि आप यह सोचते हैं कि आप मुझे जेल में डाल सकते हैं, मैं जनता की जेल में रहूंगी और थोड़ा आराम करुंगी, लेकिन आप मुझे रोक नहीं सकते. मुझे चिंता नहीं. यदि इस देश में सभी भय के कारण चुप रहते हैं, मैं चुप नहीं रहूंगी. मैं अन्याय के खिलाफ संघर्ष करुंगी. हम सभी भाई बहन हैं और हम सभी को समान अधिकार हैं.

कोई भी अगर सरकार के खिलाफ कुछ बोलता है तो उसके पीछे सीबीआइ को लगा दिया जाता है. यदि आप उनके खिलाफ कुछ भी कहेंगे, वे सीबीआइ को आपके खिलाफ लगा देंगे, लेकिन आप मेरे पीछे सीबीआइ लगाकर मेरा मुंह बंद नहीं कर सकते हैं. याद रखें कि मैं सीबीआइ से डरने वाली नहीं हूं.
-ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री पश्चिम बंगाल

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