संवाददाता, कोलकाता
राज्य में सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हुईं नियुक्तियों के घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (इडी) की जांच के दायरे में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने नौकरी हासिल करने के लिए गिरफ्तार आरोपी व तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा को रुपये दिये थे. सूत्रों के अनुसार, ऐसे लोगों की सूची केंद्रीय जांच एजेंसी ने तैयार की है और इनमें से 20 लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया गया है. बताया जा रहा है कि अगले सप्ताह उन्हें सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित केंद्रीय जांच एजेंसी के कार्यालय में हाजिर होने को कहा गया है.
मुर्शिदाबाद के बड़ंचा विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल विधायक साहा को गत 25 अगस्त को इडी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था. साहा पर आरोप है कि अवैध नियुक्ति के लिए उन्होंने करीब 75 उम्मीदवारों से रकम ली थी, जो इडी की जांच का हिस्सा है.पहले चरण में 20 उम्मीदवारों को अगले सप्ताह इडी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया है. इस मामले में एक बिचौलिये का भी नाम सामने आया है, जिसके जरिये पैसों का लेन-देन हुआ. बताया गया है कि हर उम्मीदवार से करीब सात लाख रुपये वसूले गये. इडी के वकील ने पहले ही कोलकाता की पीएमएलए विशेष अदालत को जानकारी दी थी कि 2010 से 2015 के बीच साहा के खाते में लगभग 1.2 करोड़ रुपये जमा हुए, जिनके स्रोत को वह स्पष्ट नहीं कर पाये. साहा इस समय न्यायिक हिरासत में हैं. इससे पहले केंद्रीय अन्वेष्ण ब्यूरो (सीबीआइ) ने भी उन्हें इसी मामले में गिरफ्तार किया था. आरोप है कि साहा ने भर्ती पैनल की वैधता खत्म होने के बाद भी कुछ उम्मीदवारों की नियुक्ति सुनिश्चित करवाई थी और इसमें उनकी मदद तत्कालीन डब्ल्यूबीएसएससी के शीर्ष अधिकारी शांति प्रसाद सिन्हा ने की थी, जिन्हें साहा ने लगभग 75 अयोग्य उम्मीदवारों की सिफारिश की थी.
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