बंगाल में रोहिंग्या को नहीं, प्रधानमंत्री को लगते हैं ‘गो बैक’ के नारे : दिलीप

कोलकाता : बंगाल के भाजपा प्रमुख व सांसद दिलीप घोष ने कहा : म्यांमार से भारत आये रोहिंग्या और बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में बतौर शरणार्थी को लेकर किसी ने ‘गो बैक’ का नारा नहीं दिया, क्योंकि इनसे इनको वोट लेना था, जबकि प्रधानमंत्री और राज्यपाल जब आते हैं, तो तब ‘गो बैक’ के नारे […]

कोलकाता : बंगाल के भाजपा प्रमुख व सांसद दिलीप घोष ने कहा : म्यांमार से भारत आये रोहिंग्या और बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में बतौर शरणार्थी को लेकर किसी ने ‘गो बैक’ का नारा नहीं दिया, क्योंकि इनसे इनको वोट लेना था, जबकि प्रधानमंत्री और राज्यपाल जब आते हैं, तो तब ‘गो बैक’ के नारे लगाये जाते हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार में रोहिंग्या, बांग्लादेशी को संरक्षण मिल रहा है, किंतु जब देश का प्रधानमंत्री वहां जाता है, तो उसे काले झंडे दिखाये जा रहे हैं.

श्री घोष ने मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव में पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि ममता सरकार में हर काम संविधान के खिलाफ हो रहा है. राज्य में लोकतंत्र नहीं है. घोष ने सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र नहीं है. राज्य सरकार निरंकुश हो गयी है और संविधान के खिलाफ काम कर रही है.

राष्ट्रीय नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए श्री घोष ने कहा कि बड़े दु:ख की बात है कि जिस धरती पर ‘वंदे मातरम’, ‘जय हिंद’ के नारे लगे और देश को आजादी मिली, वहां लोग ‘आजादी-आजादी’ का नारा लगा रहे हैं. भाजपा सांसद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में ऐसा लगता है कि हम अपने देश में ही नहीं हैं.
वहां की सरकार हर काम संविधान के खिलाफ कर रही है. श्री घोष ने पश्चिम बंगाल सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि चुनकर लोकसभा भेजा है. इसके बावजूद पश्चिम बंगाल की मौजूदा सरकार में भाजपा सांसद और विधायकों के साथ भेदभाव किया जाता है.
स्थिति ये है कि जिलाधिकारी न उनकी बात सुनते हैं और न ही जिला समिति की बैठकों में बुलाते हैं. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में समानता के अधिकार का पूरी तरह से हनन हो रहा है और राज्य में ममता सरकार असहिष्णुता की राजनीति कर रही है.

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