ऑडिट एंड एश्योरेंस काॅन्फ्रेंस का आयोजन

कोलकाता : इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट ऑफ इंडिया, पूर्वी क्षेत्र की ओर से शनिवार को महानगर के एक होटल में ऑडिट एंड एश्योरेंस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएजी वेंकटेश मोहन ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट ऑफ इंडिया, पूर्वी क्षेत्र के कार्यों की सराहना करते हुए […]

कोलकाता : इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट ऑफ इंडिया, पूर्वी क्षेत्र की ओर से शनिवार को महानगर के एक होटल में ऑडिट एंड एश्योरेंस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएजी वेंकटेश मोहन ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट ऑफ इंडिया, पूर्वी क्षेत्र के कार्यों की सराहना करते हुए आश्वस्त किया की आइसीएआई के सदस्यों के लिए वह हर वक्त उपलब्ध रहेंगे. कार्यक्रम में कोल इंडिया के चेयरमैन अनील कुमार झा भी उपस्थित रहे.

इस दौरान इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंट ऑफ इंडिया, पूर्वी क्षेत्र के चेयरमैन सुमित बिनानी ने अपने संबोधन में संस्था द्वारा ऑडिटर्स के लिए किये जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि कंट्रोलर ऑफ ऑडिटर जनरल (सीएजी), सरकारी व गैर सरकारी कंपनियों के ऑडिट के लिए देश के चार्टर्ड एकाउंट को नियुक्त करती है. श्री बिनानी ने बताया कि ऑडिटर्स के समक्ष इस समय कई चुनौतियां हैं.
लोग यही सोचते हैं कि जब ऑडिटर ने ऑडिट कर दिया तो वह त्रुटिरहित है, लेकिन ऐसा है नहीं है क्योंकि हमें कानून के दायरे में रहकर काम करना पड़ता है. हमारी ड्यूटी यह नहीं होती कि हम भ्रष्टाचार को डिटेक्ट करें. हम कोई जांच एजेंसी नहीं हैं. देखा जाता है कि जब कोई गलती पकड़ी जाती है तो सबसे पहले ऑडिटर पर ही तलवार लटकती है जो यह गलत है. कई बार तो हमारे ऊपर दबाव भी आता है, हमें धमकियां भी मिलती हैं. ऐसे में किसी ने हमारी सुरक्षा के बारे में नहीं सोचा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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