गणतंत्र दिवस की झांकी में राष्ट्रीय महत्व को कर रहीं नजरंदाज
कोलकाता : गणतंत्र दिवस पर बंगाल की झांकी नहीं दिखाये जाने का मामला तूल पकड़ते जा रहा है.गुरुवार को भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर संकीर्ण राजनीति करने और राष्ट्रीय महत्व की चीजों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया.
श्री विजयवर्गीय ने ट्वीट किया : ममता जी अपनी राजनीतिक कुंठा निकालने में इतनी व्यस्त हो जाती हैं कि राष्ट्रीय महत्व को भी नजरअंदाज कर देती हैं. गणतंत्र दिवस परेड में पश्चिम बंगाल की झांकी को शामिल नहीं किये जाने को लेकर उन्होंने सीएए को मुद्दा बनाया है. वैसे भी उनके राज्य में ऐसी उपलब्धि नहीं है, जिसे दर्शाया जा सके.
उन्होंने कहा : इन्हें गणतंत्र दिवस पर बंगाल की किस अच्छी चीज को प्रस्तुत करनी चाहिए, इसकी भी समझ नहीं है. वहां भी राजनीति करती हैं. संकीर्ण मानसिकता वाली राजनीति करती हैं. इस कारण ही बंगाल को मौका नहीं मिला है. बंगाल के महापुरुषों के योगदान का देश और दुनिया सम्मान करती है, देखना चाहती है. वह गणतंत्र दिवस की झांकी में बंगाल के गौरव और बंगाल के हेरिटेज को दिखा सकती थीं, जिसकी बंगाल में कोई कमी नहीं है.
झांकी में चैतन्य महाप्रभु, रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद, डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी, जो बंगाल की धरोहर और गौरव हैं, वैसे लोगों को दिखा सकती थीं, लेकिन वह नकारात्मक राजनीति करती हैं. गणतंत्र दिवस की झांकी देखने के लिए देश-विदेश से मेहमान आते हैं, उन्हें क्या ममता की नकारात्मकता दिखायी जाये या फिर देश का विकास और गौरव दिखाया जाये.
