हिंसात्मक प्रदर्शन से ट्रक सेवा प्रभावित, सब्जियों से लदे ट्रक फंसे
कोलकाता : नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर उत्तर-पूर्व के राज्यों में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. पश्चिम बंगाल में कई जगह पर बसें व ट्रक फूंक दिये गये. आगजनी एवं तोड़फोड़ के चलते राज्य में कई जगहों पर सब्जियों से लदे ट्रक फंसे हुए हैं. कई ट्रक मालिक वाहन को सड़क पर उतारने से कतरा रहे हैं. इसका सीधा असर सब्जी मंडियों पर पड़ रहा है.
जानकरों के अनुसार, ठंड के मौसम में सब्जियों के दाम कम होने के बजाय अचानक बढ़ गये हैं. इस संबंध में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए बनी टास्क फोर्स के सदस्य कमल दे ने बताया कि आमतौर पर यह देखा जाता है कि दिसंबर मध्य तक सब्जी की कीमतों में 10 से 15 फीसदी की गिरावट आती है, लेकिन पिछले पांच दिनों में सीएए के कारण देश में हुए बवाल से सब्जियों के भाव आसमान छू रहे हैं.
ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने सीएम को लिखा पत्र
फेडरेशन ऑफ वेस्ट बंगाल ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अनुसार भारत बांग्लादेश सीमा सह कई जिलों में ट्रक फंसे हुए हैं. संगठन के अनुसार राज्य में करीब चार हजार ट्रकों में तोड़फोड़ की गयी है, जिससे मालिकों को ट्रक परिचालन में परेशानी हो रही है. इसके मद्देनजर ट्रक संगठन ने सीएम को पत्र लिख कर हालात की जानकारी दी है.
संगठन के संयुक्त सचिव सजल घोष ने बताया कि सीएए के पारित होने के बाद से ही उत्तर बंगाल के मालदह एवं उत्तर दिनाजपुर, हावड़ा के उलबेरिया, कोना एक्सप्रेस, सांकराइल, मुर्शिदाबाद एवं उत्तर व दक्षिण 24 परगना में जिले में प्रदर्शनकारियों ने जोर-जबरदस्ती ट्रक रोक रखा है.
सब्जी से लदे ट्रकों में तोड़फोड़ व आगजनी की गयी है. पिछले सात दिनों से उक्त जिलों में कई जगहों पर आलू-प्याज, फल व हरी सब्जी से लदे ट्रक खड़े हैं. उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा स्थित बेनापोल, मेहदीपुर में भी ट्रक फंसे हुए हैं. संगठन ने सीएम ममता बनर्जी से वाहन व ट्रक चालकों के लिए सुरक्षा की मांग की है.
