नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं हालीशहर के लोग

हालीशहर का हाल बदहाल, चारों तरफ है गंदगी का अंबार कहीं पेयजल की किल्लत, तो कहीं गंदगी के अंबार, तो कहीं ड्रेनें हैं खराब कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर इलाके का हाल बेहाल है. यहां जगह-जगह पर फैली गंदगी से लोगों को जीना मुहाल हो गया हैं. कूड़े-कचरे व गंदगी के बीच […]

हालीशहर का हाल बदहाल, चारों तरफ है गंदगी का अंबार

कहीं पेयजल की किल्लत, तो कहीं गंदगी के अंबार, तो कहीं ड्रेनें हैं खराब

कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर इलाके का हाल बेहाल है. यहां जगह-जगह पर फैली गंदगी से लोगों को जीना मुहाल हो गया हैं. कूड़े-कचरे व गंदगी के बीच लोग जी रहे हैं लेकिन कोई सुध लेनेवाला नहीं है. लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद भी नियमित साफ-सफाई नहीं हो रही है. खासकर हालीशहर के जूट मिल वाले इलाकों की स्थिति काफी खराब है. लोग नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं.

कोलकाता से 50 किलो मीटर दूर स्थित हालीशहर नगरपालिका क्षेत्र इलाके में दो जूट मिल और एक पेपर मिल है. हुकुमचंद जूट मिल, नैहाटी जूट मिल और इंडिया पेपर पल्प प्राइवेट लिमिटेड. लगभग 15 हजार से अधिक श्रमिक इन मिलों में काम करते हैं. यही नहीं, कुल 23 वार्ड वाले हालीशहर नगरपालिका की आबादी लगभग डेढ़ लाख है.कहीं पेयजल की समस्या, कहीं बजबजाती नालियां तो कहीं कूड़े का अंबार लगा हुआ है.

वार्ड 22 के नैहाटी जूट मिल रोड में जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा है. लोग नाक पर रुमाल रख कर वहां से गुजरते हैं. इसी तरह वार्ड 23 का नैहाटी जूट मिल बाजार अंचल, जहां लोग खरीदारी के लिए आते हैं, वहां भी हर 100 कदम पर गंदगी का ढेर लगा हुआ है. जूट मिल श्रमिक आवास अंचल की नालियां गंदगी से बजबता रही हैं. यह हालत एक या दो वार्ड की नहीं बल्कि हालीशहर के हर अंचल की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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