पहले से ज्यादा चिड़चिड़े हो गये हैं भारतीय

63% उत्तरदाताओं ने ‘टेक रेज’ के शिकार होने की बात स्वीकार की कोलकाता : टाटा सॉल्ट द्वारा प्रकाशित नये शोध में भारत में तनाव और तनाव से भरी भावना के शीर्ष कारकों का खुलासा किया गया. शोध में यह दावा किया गया है कि भारतीय पहले से ज्यादा चिड़चिड़ा हो गये हैं तथा लगभग दो-तिहाई […]

63% उत्तरदाताओं ने ‘टेक रेज’ के शिकार होने की बात स्वीकार की

कोलकाता : टाटा सॉल्ट द्वारा प्रकाशित नये शोध में भारत में तनाव और तनाव से भरी भावना के शीर्ष कारकों का खुलासा किया गया. शोध में यह दावा किया गया है कि भारतीय पहले से ज्यादा चिड़चिड़ा हो गये हैं तथा लगभग दो-तिहाई लोग दिन में एक बार अपना आपा खो देते हैं.
टाटा केमिकल्स, टाटा सॉल्ट (मसाले) के कारोबार प्रमुख व विपणन प्रमुख सागर बोक ने ‘एज ऑफ रेज’ सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया : आधे से अधिक उत्तरदाताओं (56%) ने स्वीकार किया कि वे ट्रैफिक की वजह से काम में देरी होने पर ‘रोड रेज’ होने की संभावना होगी. (16%) ने यहां तक ​​दावा किया कि वे बिना किसी स्पष्ट कारण के लिए ड्राइवरों और ट्रैफिक पुलिस जैसे सेवा प्रदाताओं में अपने टेम्पर खोने की संभावना है.

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