कोलकाता : पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (डब्ल्यूबीजेइइ) अगले वर्ष 19 अप्रैल के बदले लगभग ढाई माह पहले ही दो फरवरी को होगी. पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद ने यह फैसला किया है. विभिन्न बोर्डों के साथ हुई बैठक में शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने भी इस पर सहमति दे दी है. बोर्ड के […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
कोलकाता : पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (डब्ल्यूबीजेइइ) अगले वर्ष 19 अप्रैल के बदले लगभग ढाई माह पहले ही दो फरवरी को होगी. पश्चिम बंगाल संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद ने यह फैसला किया है. विभिन्न बोर्डों के साथ हुई बैठक में शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने भी इस पर सहमति दे दी है.
बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पहले यह परीक्षा 19 अप्रैल को होनी थी, लेकिन उच्च माध्यमिक की परीक्षा की वजह से बहुत से छात्र ज्वाइंट की परीक्षा में भाग नहीं ले पाते हैं. इस कारण यह परीक्षा पहले कर दी गयी है, हालांकि परीक्षा का परिणाम उच्च माध्यमिक की परीक्षा के बाद ही प्रकाशित होगा. गौरतलब है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेइइ) के आधार पर राज्य के इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिला मिलता है.
सूत्रों का कहना है कि अभी तक जेइइ का आयोजन उच्च माध्यमिक के बाद होता था. इससे छात्र कॉलेजों में प्रवेश ले लेते थे, लेकिन ज्वाइंट का परिणाम निकलने के बाद उत्तीर्ण विद्यार्थी कॉलेज छोड़ कर इंजीनियरिंग संस्थान में प्रवेश ले लेते थे. इससे काफी संख्या में सीटें खाली रह जाती थीं. रिक्त सीटों की संख्या घटाने के लिए यह निर्णय किया गया है.
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